पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच Central Board of Secondary Education (CBSE) ने मिडिल ईस्ट में पढ़ रहे कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए बड़ा निर्णय लिया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अब इस क्षेत्र में 10वीं की शेष बोर्ड परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी और छात्रों का रिजल्ट एक विशेष मूल्यांकन फॉर्मूले के आधार पर तैयार किया जाएगा।
यह फैसला उन देशों के छात्रों के लिए लिया गया है जहां सुरक्षा स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इनमें बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई जैसे देश शामिल हैं। हालात को देखते हुए पहले परीक्षाएं स्थगित की गई थीं, लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें पूरी तरह रद्द कर दिया गया।
हालांकि 17 से 28 फरवरी 2026 के बीच कुछ परीक्षाएं आयोजित हो चुकी थीं, जिनमें गणित, विज्ञान, अंग्रेजी समेत कई विषय शामिल थे। अब जो परीक्षाएं नहीं हो पाईं, उनके लिए बोर्ड ने एक विशेष असेसमेंट स्कीम लागू की है।
इस नई व्यवस्था के तहत छात्रों का रिजल्ट इस बात पर निर्भर करेगा कि उन्होंने कितनी परीक्षाओं में हिस्सा लिया है। जिन छात्रों ने सभी परीक्षाएं दी हैं, उनका रिजल्ट सीधे उनके प्राप्त अंकों के आधार पर बनेगा। वहीं, जिनकी कुछ परीक्षाएं नहीं हो पाईं, उनके लिए बचे हुए विषयों में सबसे अच्छे अंकों का औसत निकालकर रिजल्ट तैयार किया जाएगा।
कम परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए भी अलग-अलग नियम बनाए गए हैं, ताकि किसी के साथ अन्याय न हो। यदि किसी छात्र ने केवल दो या तीन विषयों की परीक्षा दी है, तो उन्हीं विषयों के प्रदर्शन के आधार पर बाकी विषयों के अंक तय किए जाएंगे।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) के अंक पूरी तरह मान्य होंगे और स्कूलों द्वारा अपलोड किए गए नंबर ही अंतिम माने जाएंगे। इसके अलावा, जो छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें बाद में सुधार परीक्षा (Improvement Exam) में बैठने का मौका भी दिया जाएगा।
CBSE ने यह भी भरोसा दिलाया है कि मिडिल ईस्ट के छात्रों का रिजल्ट बाकी छात्रों के साथ ही घोषित किया जाएगा और उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह फैसला छात्रों की सुरक्षा और भविष्य दोनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे वे बिना अतिरिक्त तनाव के अपनी पढ़ाई आगे जारी रख सकें।