वैश्विक फुटबॉल संस्था FIFA ने बड़ा फैसला लेते हुए इस्राइल फुटबॉल संघ पर भेदभाव और नस्लीय दुर्व्यवहार से जुड़े मामलों में जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई निष्पक्ष खेल (Fair Play) के सिद्धांतों के उल्लंघन और अपमानजनक व्यवहार के आरोपों के आधार पर की गई है। हालांकि, इस सख्ती के बावजूद फीफा ने इस्राइल को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से निलंबित करने की मांग को खारिज कर दिया है।
फिलिस्तीनी फुटबॉल महासंघ की ओर से इस्राइल के खिलाफ दो प्रमुख याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें वेस्ट बैंक की बस्तियों में स्थित क्लबों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। बावजूद इसके, FIFA ने निलंबन जैसे कड़े कदम से परहेज किया और केवल आर्थिक दंड लगाने का फैसला किया। इस्राइल फुटबॉल संघ पर करीब 190,000 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Gianni Infantino ने एक और अहम मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि FIFA World Cup 2026 का कार्यक्रम किसी भी हाल में नहीं बदला जाएगा। हाल ही में यह चर्चा चल रही थी कि Iran के मैच अमेरिका की बजाय मैक्सिको में कराए जा सकते हैं, लेकिन फीफा ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
दरअसल, क्षेत्रीय तनाव और सैन्य संघर्ष के चलते ईरान के अमेरिका में मैच खेलने को लेकर सवाल उठ रहे थे। लेकिन फीफा अध्यक्ष ने साफ कहा कि टूर्नामेंट तय शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित होगा और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि वैश्विक स्तर पर बड़े संकटों के बावजूद फुटबॉल विश्व कप जैसे आयोजन हमेशा निर्धारित समय पर होते रहे हैं। इसलिए इस बार भी फीफा किसी तरह की अनिश्चितता नहीं चाहता और टूर्नामेंट को तय योजना के अनुसार ही आगे बढ़ाने के पक्ष में है।
कुल मिलाकर, एक ओर जहां फीफा ने भेदभाव के खिलाफ सख्त संदेश देते हुए कार्रवाई की है, वहीं दूसरी ओर उसने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वैश्विक फुटबॉल कैलेंडर और वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजन किसी राजनीतिक या क्षेत्रीय दबाव में नहीं बदलेंगे।