अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव और Iran–Israel युद्ध के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है। India Bullion and Jewellers Association के मुताबिक, आज 24 कैरेट सोना करीब 12 हजार रुपये गिरकर 1.35 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि चांदी भी करीब 31 हजार रुपये टूटकर 2.01 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।
पिछले कुछ हफ्तों में गिरावट का आंकड़ा और भी चौंकाने वाला है। बीते 24 दिनों में सोना करीब 24 हजार रुपये सस्ता हो चुका है, वहीं चांदी में 65 हजार रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई है। यह बदलाव उन निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दामों पर निवेश किया था।
दरअसल, आमतौर पर युद्ध या वैश्विक संकट के समय सोने-चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति उलट नजर आ रही है। निवेशक अनिश्चितता के माहौल में जोखिम लेने के बजाय अपने निवेश को कैश में बदल रहे हैं। यानी लोग गोल्ड और सिल्वर बेचकर नकदी जमा कर रहे हैं, ताकि भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों से निपटा जा सके।
इसके अलावा जनवरी में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया था, जिसके बाद बड़े निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इससे बाजार में सप्लाई बढ़ गई और कीमतों पर दबाव बना। वहीं, अमेरिका में बढ़ती ब्याज दरों ने भी कीमती धातुओं की चमक को फीका कर दिया है, क्योंकि ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित रिटर्न वाले विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
कीमतों के उतार-चढ़ाव को देखें तो साल की शुरुआत में सोना करीब 1.33 लाख रुपये पर था, जो जनवरी के अंत में बढ़कर 1.76 लाख तक पहुंच गया था। लेकिन अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 40 हजार रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी ने भी 3.86 लाख रुपये के रिकॉर्ड स्तर से गिरकर 2.01 लाख रुपये तक का सफर तय किया है, जो भारी गिरावट को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचने की सलाह दी जा रही है।
सोना खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदें, ताकि उसकी शुद्धता सुनिश्चित हो सके। साथ ही खरीदारी से पहले अलग-अलग स्रोतों से कीमत की जांच जरूर करें। वहीं चांदी की पहचान के लिए मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट और स्मेल टेस्ट जैसे आसान तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, बाजार में इस समय अस्थिरता का दौर है, जहां हर वैश्विक हलचल का सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। ऐसे में समझदारी और सही जानकारी के साथ ही निवेश का फैसला लेना बेहतर होगा।