छत्तीसगढ़ के Mahasamund जिले में स्थित Khallari Mata Temple में चैत्र नवरात्रि के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रोपवे की केबल टूटने से दो ट्रॉलियां अचानक नीचे गिर गईं, जिसमें 28 वर्षीय शिक्षिका आयुषी धावरे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 16 श्रद्धालु घायल हो गए।
आयुषी धावरे पाटन के आत्मानंद स्कूल में पदस्थ थीं और Raipur के राजातालाब क्षेत्र की रहने वाली थीं। हादसे के समय वे अपने परिवार के साथ मंदिर दर्शन के लिए आई थीं। घटना में उनके पति और देवर भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दर्शन के बाद श्रद्धालु रोपवे से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक केबल टूट गई। ट्रॉली पहाड़ी से टकराई और उसमें सवार लोग करीब 20 फीट नीचे गिर गए। इसी दौरान ऊपर जा रही दूसरी ट्रॉली भी असंतुलित होकर गिर गई, जिससे उसमें बैठे लोग भी घायल हो गए। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरातफरी मच गई और स्थानीय लोगों व पुलिस ने मिलकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
घायलों में महासमुंद निवासी गोविंद स्वामी की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। वहीं कुछ घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।
इस हादसे के बाद रोपवे के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह दुर्घटना हुई। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
जांच में लापरवाही सामने आने पर रोपवे संचालक कंपनी ‘रोप वे एवं रिसॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता’ और दो स्थानीय कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर यह बताता है कि धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच कितनी जरूरी है। एक छोटी सी लापरवाही ने एक परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया और कई लोगों को जिंदगी भर का दर्द दे दिया।