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रियान पराग की कप्तानी पर उठे सवाल—राजस्थान रॉयल्स ‘खतरनाक लेकिन अस्थिर’, प्लेऑफ की राह 50-50

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आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को लेकर चर्चा तेज हो गई है, और इसकी सबसे बड़ी वजह हैं नए कप्तान रियान पराग। टीम ने इस सीजन के लिए बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें फुल-टाइम कप्तान बनाया है, लेकिन इस फैसले पर अब सवाल उठने लगे हैं। भारत के पूर्व कप्तान कृष्णामचारी श्रीकांत ने पराग की कप्तानी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है, जिसने बहस को और तेज कर दिया है।

श्रीकांत ने इशारों में यह तक कह दिया कि सबको पता है कि रियान पराग कप्तान कैसे बने हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फ्रेंचाइजी में उन्हें खास तवज्जो दी जा रही है और टीम के भीतर उनकी स्थिति किसी ‘राजा’ जैसी है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पराग में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन पिछले सीजन में उनका प्रदर्शन कप्तानी के लिहाज से खास प्रभावशाली नहीं रहा।

दरअसल, पिछले सीजन में जब संजू सैमसन चोटिल हुए थे, तब पराग को कप्तानी का मौका मिला था। उन्होंने आठ मैचों में टीम की कमान संभाली, लेकिन सिर्फ दो मुकाबलों में जीत हासिल कर पाए। हालांकि बल्लेबाजी में उन्होंने आक्रामक अंदाज दिखाते हुए 393 रन बनाए और 166 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से खेला, जिससे उनकी व्यक्तिगत क्षमता जरूर झलकती है।

रियान पराग लंबे समय से राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा रहे हैं। किशोर उम्र में टीम से जुड़ने के बाद उन्होंने अब तक 80 से ज्यादा मैचों में 1500 से अधिक रन बनाए हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी कमजोरी लगातार प्रदर्शन की कमी रही है। यही वजह है कि कप्तानी जैसे बड़े रोल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

श्रीकांत का मानना है कि राजस्थान रॉयल्स एक ऐसी टीम है जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकती है, लेकिन उतनी ही जल्दी बिखर भी सकती है। उन्होंने टीम को “खतरनाक लेकिन अस्थिर” बताते हुए कहा कि अगर टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज चल गए, तो यह टीम विपक्ष को पूरी तरह ध्वस्त कर सकती है। खास तौर पर यशस्वी जायसवाल और वैभव सूर्यवंशी की ओपनिंग जोड़ी को उन्होंने टीम की सबसे बड़ी ताकत बताया।

इसके बावजूद, उन्होंने साफ किया कि फिलहाल राजस्थान रॉयल्स को खिताब का मजबूत दावेदार नहीं माना जा सकता। प्लेऑफ में पहुंचने की उनकी संभावनाएं अभी 50-50 हैं, जो पूरी तरह टीम की निरंतरता और कप्तानी पर निर्भर करेंगी।

कुल मिलाकर, आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की कहानी सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन की नहीं, बल्कि रियान पराग की लीडरशिप की भी परीक्षा होगी। अगर टीम ने संतुलन और निरंतरता बनाए रखी, तो यह सीजन उनके लिए बड़ा साबित हो सकता है—वरना सवाल और भी गहरे हो जाएंगे।

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