Meta Pixel

ऑनलाइन खाना हुआ और महंगा—Swiggy ने बढ़ाई फीस, Zomato के बाद यूजर्स की जेब पर डबल मार

Spread the love

देश में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करने वालों के लिए एक और झटका सामने आया है। Swiggy ने भी अब अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है, जिससे घर बैठे खाना मंगवाना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। 24 मार्च से लागू इस नए फैसले के तहत अब हर ऑर्डर पर यूजर्स को ₹14 की जगह ₹17.58 (GST सहित) चुकाने होंगे, यानी हर बार करीब ₹3.5 का अतिरिक्त खर्च।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिन पहले Zomato ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में बढ़ोतरी की थी। अब दोनों बड़ी कंपनियों की फीस लगभग बराबर हो चुकी है, जिससे यूजर्स के पास सस्ता विकल्प चुनने का रास्ता भी लगभग खत्म हो गया है।

Swiggy की यह बढ़ोतरी अचानक नहीं है, बल्कि पिछले कुछ समय से कंपनी लगातार धीरे-धीरे फीस बढ़ाती आ रही है। अप्रैल 2023 में महज ₹2 से शुरू हुई यह प्लेटफॉर्म फीस अब ₹17.58 तक पहुंच चुकी है। यानी तीन साल में यह कई गुना बढ़ गई है। खास बात यह है कि सिर्फ पिछले सात महीनों में ही दूसरी बार फीस में इजाफा किया गया है, जिससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनियां अब अपने मुनाफे को बढ़ाने के लिए इन चार्जेस पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं।

कंपनी का तर्क है कि डिलीवरी नेटवर्क, टेक्नोलॉजी और कस्टमर सपोर्ट जैसी सेवाओं को बनाए रखने की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए यह फीस बढ़ाना जरूरी हो गया था। लेकिन यूजर्स के नजरिए से देखें तो यह “छोटी बढ़ोतरी” अब हर ऑर्डर के साथ जुड़कर बड़ा खर्च बनती जा रही है।

असल में प्लेटफॉर्म फीस वह अतिरिक्त चार्ज है जो खाने के बिल, डिलीवरी फीस और रेस्टोरेंट चार्ज से अलग हर ऑर्डर पर लगाया जाता है। चाहे आपका ऑर्डर ₹200 का हो या ₹2000 का, यह फीस समान रहती है। यही वजह है कि नियमित रूप से ऑर्डर करने वाले लोगों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ता है।

भारत में करोड़ों लोग रोजाना इन ऐप्स के जरिए खाना मंगाते हैं, ऐसे में ₹2-₹3 की बढ़ोतरी भी कंपनियों के लिए करोड़ों का अतिरिक्त राजस्व बन जाती है। लेकिन दूसरी ओर, ग्राहकों के बीच बढ़ती नाराजगी भी साफ नजर आ रही है। लगातार बढ़ती फीस से यूजर्स अब सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि क्या ऑनलाइन खाना मंगवाना अब उतना किफायती रह गया है जितना पहले हुआ करता था।

कुल मिलाकर, Swiggy और Zomato की इस रणनीति से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में ऑनलाइन फूड डिलीवरी सस्ता नहीं, बल्कि और महंगा होने वाला है—और इसका सीधा असर आम ग्राहक की जेब पर पड़ने वाला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *