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राजस्व समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु ’राजस्व पखवाड़ा’ का आयोजन

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दुर्ग, 25 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रदेश भर में राजस्व संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए ’राजस्व पखवाड़ा 2026’ के आयोजन किया जा रहा है । कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के राजस्व न्यायालयों के कार्यों को सुचारू बनाना, समय-सीमा के बाहर लंबित प्रकरणों का निराकरण करना और आम जनता की समस्याओं को मौके पर ही हल करना है। शासन के निर्देशानुसार यह पखवाड़ा वर्ष 2026 में तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रथम चरण 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक, द्वितीय चरण 4 मई से 18 मई तक और तृतीय चरण 1 जून से 15 जून तक संचालित होगा।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल माह में विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित होंगे। तहसील दुर्ग के अंतर्गत प्रथम चरण के लिए ग्रामवार रोस्टर तैयार किया गया है, जिसके तहत निर्धारित तिथियों पर विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे। इसके अंतर्गत 1 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत बोरई, ग्राम पंचायत कोटनी, ग्राम पंचायत नगपुरा, ग्राम पंचायत ढाबा, ग्राम पंचायत भेड़सर और ग्राम पंचायत सिरसाखुर्द में शिविरों का आयोजन किया जाएगा। 2 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत जेवरा, ग्राम पंचायत करंजा भिलाई, ग्राम पंचायत अरसनारा, ग्राम पंचायत ननकट्ठी और ग्राम पंचायत खेदामारा में राजस्व कार्यों का संपादन होगा। इसी प्रकार 3 अप्रैल 2026 के लिए ग्राम पंचायत ढौर, ग्राम पंचायत कुटेलाभाठा और ग्राम पंचायत चिखली में शिविर स्थल निर्धारित किए गए हैं। 6 अप्रैल 2026 को नगर निगम दुर्ग के अंतर्गत आने वाले करहीडीह, उरला, सिकोला, बघेरा, दुर्ग शहर और पुलगांव क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित होंगे। 7 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत गनियारी, ग्राम पंचायत रसमड़ा, ग्राम पंचायत महमरा, ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) और ग्राम पंचायत कोलिहापुरी में शिविर लगाए जाएंगे। इसी क्रम में 8 अप्रैल 2026 को ग्राम पंचायत चंगोरी, ग्राम पंचायत भोथली और ग्राम पंचायत तिरगा में राजस्व संबंधी आवेदनों का निराकरण किया जाएगा। 9 अप्रैल 2026 को एक विस्तृत अभियान के तहत ग्राम पंचायत निकुम, ग्राम पंचायत आलबरस, ग्राम पंचायत अछोटी, ग्राम पंचायत अण्डा, ग्राम पंचायत रिसामा, ग्राम पंचायत कुथरेल, ग्राम पंचायत कोनारी, ग्राम पंचायत भानपुरी और ग्राम पंचायत चंदखुरी में आयोजन होगा। 10 अप्रैल 2026 को नगर पंचायत उतई के साथ-साथ ग्राम पंचायत धनोरा, ग्राम पंचायत पुरई, ग्राम पंचायत पाउवारा, ग्राम पंचायत खोपली, ग्राम पंचायत मातरोडीह और ग्राम पंचायत मचान्दुर में शिविर लगेंगे। इसके अलावा 13 अप्रैल 2026 को नगर निगम दुर्ग के पोटियाकला, बोरसी, कसारीडीह, तितुरडीह और कातुलबोड़ क्षेत्रों में समस्याओं का समाधान किया जाएगा। 15 अप्रैल 2026 को इस चरण के अंतिम दिन नगर निगम भिलाई नगर के जुनवानी, खम्हरिया, कोहका, कुरूद, सुपेला और नगर निगम रिसाली के रूआबाधा, रिसाली, डुडेरा सहित ग्राम पंचायत दूमरडीह में शिविरों का आयोजन सुनिश्चित किया गया है ।
    इन पखवाड़ा के दौरान राजस्व प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से अविवादित नामांतरण और अविवादित खाता विभाजन के उन प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण किया जाएगा जो समय-सीमा से बाहर हो चुके हैं  इसके साथ ही ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सीमांकन, व्यपवर्तन और वृक्ष कटाई के लंबित मामलों को सुलझाया जाएगा  नक्शा बंटाकन की प्रगति सुनिश्चित करने के साथ ही भूमिस्वामी के खातों में आधार, मोबाइल नंबर, किसान किताब और जेंडर की प्रविष्टि का कार्य भी शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाएगा। शिविर स्थल पर प्राप्त होने वाले नए आवेदनों, जैसे फौती नामांतरण, बंटवारा और अभिलेख त्रुटि सुधार के मामलों में हल्का पटवारी द्वारा तत्काल प्रतिवेदन, पंचनामा और सूचना जारी कर पक्षकारों को तामिली कराते हुए निराकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्राकृतिक आपदाओं जैसे जनहानि, फसल क्षति या पशु हानि से संबंधित आर.बी.सी. 6-4 के आवेदनों का भी त्वरित निपटारा किया जाएगा। भू-अर्जन संबंधी पुराने मामलों के निराकरण के साथ-साथ स्वामित्व योजना के अंतर्गत अधिकार अभिलेखों का वितरण सम्मानित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया जाएगा। अभिलेखों की शुद्धता के लिए विशेष अभियान चलाकर त्रुटिपूर्ण खसरा, शून्य रकबा वाले खसरा और संयुक्त खातेदारों के पृथक नाम दर्ज करने जैसे सुधार कार्य किए जाएंगे। मौके पर ही बी-01, खसरा और किसान किताब के आवेदनों का निपटारा होगा तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों की ऑनलाइन प्रविष्टि लोक सेवा केंद्र के माध्यम से की जाएगी ताकि समय-सीमा में इनका निराकरण हो सके। इन शिविरों के सफल आयोजन के लिए कोटवारों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुनादी कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ।

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