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धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर घमासान: सड़कों पर उतरा मसीही समाज

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छत्तीसगढ़ में धर्म स्वतंत्रता विधेयक-2026 को लेकर सियासी और सामाजिक टकराव अब सड़कों तक पहुंच चुका है। संयुक्त मसीही समाज ने इस कानून के खिलाफ खुलकर विरोध जताते हुए राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया। नवा रायपुर के तूता धरनास्थल से शुरू हुआ यह आंदोलन लोकभवन के घेराव की ओर बढ़ रहा था, लेकिन भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को तय दूरी से पहले ही रोक दिया।

प्रदर्शन के दौरान स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण जरूर हुई, जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प देखने को मिली, लेकिन हालात नियंत्रण में रहे और किसी के घायल होने की खबर सामने नहीं आई। बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण आंदोलन बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है।

इससे पहले भी रायपुर में मसीही समाज ने रैली निकालकर इस विधेयक का विरोध दर्ज कराया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कानून में कुछ ऐसे प्रावधान हैं, जो धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर असर डाल सकते हैं। खास तौर पर “लालच” जैसी शब्दावली की स्पष्ट परिभाषा की मांग उठाई जा रही है, ताकि इसका दुरुपयोग न हो।

वहीं सरकार का पक्ष इससे बिल्कुल अलग है। सरकार का कहना है कि यह विधेयक जबरन, धोखे या प्रलोभन देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए लाया गया है। नए कानून में सख्त सजा का प्रावधान किया गया है—जहां दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल की जेल और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। संवेदनशील वर्गों के मामलों में यह सजा और भी ज्यादा कड़ी हो जाती है।

इतना ही नहीं, विधेयक में सामूहिक धर्मांतरण, विदेशी फंडिंग और बिना अनुमति धार्मिक अनुष्ठान जैसे मामलों पर भी कड़ा नियंत्रण प्रस्तावित है। धर्म परिवर्तन के लिए 60 दिन पहले प्रशासन को सूचना देना अनिवार्य किया गया है, जो विवाद का बड़ा कारण बना हुआ है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को केंद्र में ला दिया है। जहां एक तरफ सरकार इसे कानून-व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी बता रही है, वहीं दूसरी ओर मसीही समाज इसे अपने अधिकारों पर हस्तक्षेप मान रहा है।

आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना है, क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाने के साथ-साथ राज्यभर में आंदोलन तेज करेंगे।

समाज का नवा रायपुर के तूता धरनास्थल में समाज का प्रदर्शन।
समाज का नवा रायपुर के तूता धरनास्थल में समाज का प्रदर्शन।
इस विरोध प्रदर्शन में अलग-अलग जिलों से लोग पहुंच रहे हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में अलग-अलग जिलों से लोग पहुंच रहे हैं।

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