रायपुर में पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव को देखते हुए एलपीजी गैस आपूर्ति की स्थिति पर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में अहम बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने की। बैठक में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों ने एलपीजी गैस की आपूर्ति में आ रही समस्याओं को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा व्यावसायिक उपयोग के लिए 70 प्रतिशत क्षमता के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। विशेष रूप से प्लास्टिक कंटेनर निर्माण जैसे उद्योग पूरी तरह एलपीजी पर निर्भर हैं, जिससे कई इकाइयों के बंद होने या कम क्षमता पर चलने की स्थिति बन रही है।
प्रशासन ने आपूर्ति सुनिश्चित करने का दिया आश्वासन
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने उद्योगों को निर्देश दिए कि वे अपनी वास्तविक गैस आवश्यकता की जानकारी शासन को उपलब्ध कराएं, ताकि स्थिति के अनुसार उचित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उपलब्ध स्टॉक और आवश्यकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अपर कलेक्टर राठौर ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति घरेलू और व्यावसायिक श्रेणियों में की जाती है और औद्योगिक इकाइयों को व्यावसायिक श्रेणी के अंतर्गत ही गैस दी जाती है। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, खाद्य विभाग और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर समाधान पर चर्चा की।