छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की नींव तक हिला दी है। यहां छोटे भाई ने ही संपत्ति के लालच में अपने बड़े भाई, एक रिटायर्ड लेखाधिकारी, की सुपारी देकर हत्या करवा दी। इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने न सिर्फ लाश को जंगल में दफना दिया, बल्कि पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल तक गंगा नदी में फिंकवा दिया, ताकि मामला साधु बनकर घर छोड़ने जैसा लगे।
मृतक की पहचान 62 वर्षीय दामोदर सिंह के रूप में हुई है, जो रिटायरमेंट के बाद मुंगेली में किराए के मकान में रह रहे थे। 21 मार्च को वे अपने पैतृक गांव झाफल में एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद अचानक लापता हो गए। अगले दिन परिजनों ने तलाश शुरू की, तो मनोहरपुर के पास उनकी बाइक लावारिस हालत में मिली, जिससे मामला संदिग्ध हो गया और पुलिस को सूचना दी गई।
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, जिसमें एक संदिग्ध कार मृतक की बाइक का पीछा करते हुए नजर आई। इसी सुराग के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड खुद मृतक का छोटा भाई रणजीत सिंह था, जिसने अपने साले और चचेरे भाई के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
हत्या के लिए 10.5 लाख रुपए और 50 डिसमिल जमीन देने की डील की गई थी, जिसमें करीब 4.5 लाख रुपए एडवांस भी दिए जा चुके थे। साजिश के तहत दामोदर सिंह को पूजा के बहाने बुलाया गया और सुनसान जगह पर गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कार में डालकर कवर्धा के जंगल में ले जाया गया, जहां नदी किनारे गड्ढा खोदकर रेत में दफना दिया गया।
इतना ही नहीं, पुलिस को भ्रमित करने के लिए आरोपियों ने मृतक का मोबाइल प्रयागराज भेजकर गंगा नदी में फिंकवा दिया, ताकि लगे कि वह घर छोड़कर कहीं चला गया है। लेकिन पुलिस की सतर्क जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पूरा राज खुल गया।
जांच में यह भी सामने आया कि दामोदर सिंह का अपने बेटे के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने करीब 4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोना हड़पने की साजिश रची थी। यहां तक कि पहले भी एक सड़क हादसे के जरिए उन्हें मारने की कोशिश की गई थी।
इस पूरे मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड भाई समेत कुल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल हैं। आरोपियों के पास से दो कारें, एक बाइक, मोपेड और नकदी भी बरामद की गई है। सभी वयस्क आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह में रखा गया है।
यह घटना न सिर्फ एक जघन्य अपराध की कहानी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि लालच किस हद तक इंसान को गिरा सकता है—जहां अपने ही खून के रिश्ते दुश्मनी में बदल जाते हैं।