हरियाणा के करनाल जिले से सामने आए एक सनसनीखेज हत्याकांड में आखिरकार न्याय की मुहर लग गई है। करीब तीन साल पहले रिश्तों के विश्वास को तोड़ते हुए रची गई साजिश का पर्दाफाश हुआ और अदालत ने इस निर्मम अपराध में शामिल महिला और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुना दी। यह मामला न सिर्फ एक हत्या का है, बल्कि भरोसे के टूटने और अपराध की गहरी साजिश का भी है।
काछवा गांव में रहने वाली रानी उर्फ कलदीप ने अपने प्रेमी सलिंद्र के साथ मिलकर अपने ही पति सूरजभान उर्फ अंग्रेज को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। 8 मार्च 2021 को दोनों ने मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को गाड़ी में डालकर काछवा-चमारखेड़ा मार्ग स्थित एसवाईएल नहर में फेंक दिया, ताकि किसी को शक न हो और मामला दब जाए।
हत्या के बाद कहानी को छिपाने के लिए आरोपी पत्नी ने खुद ही पुलिस थाने जाकर अपने पति के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। लेकिन पुलिस जांच के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास सामने आने लगे। गांव वालों को भी उसकी कहानी पर भरोसा नहीं हुआ, जिससे शक और गहराता चला गया।
इस पूरे मामले में मृतक के भाई दिनेश की गवाही ने सबसे अहम भूमिका निभाई। उसने पुलिस को बताया कि उसकी भाभी के गांव के ही सलिंद्र के साथ अवैध संबंध थे और उसी के चलते इस हत्या को अंजाम दिया गया। घटना के बाद दोनों आरोपियों का अचानक गायब हो जाना पुलिस के लिए बड़ा सुराग बना। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने पहले रानी को हिरासत में लिया और फिर उसकी निशानदेही पर सलिंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया।
मामले की सुनवाई करनाल की अदालत में हुई, जहां सरकारी पक्ष ने मजबूत साक्ष्य, गवाह और फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की। अदालत ने इसे एक सोची-समझी और क्रूर हत्या मानते हुए दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर ₹30,000 का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का भी प्रावधान रखा गया है।
यह फैसला एक बार फिर यह संदेश देता है कि कानून से बचना आसान नहीं है। चाहे अपराध कितना ही योजनाबद्ध क्यों न हो, सच सामने आता ही है और दोषियों को सजा मिलती है।