दुर्ग, 01 अप्रैल 2026/ क्षेत्रीय कार्यालय छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल भिलाई जिला दुर्ग प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही कर रहा है। उद्योगों में उनकी प्रकृति के अनुरूप वायु प्रदूषण के नियंत्रण हेतु स्थापित उपस्करों यथा ईएसपी, बैग फिल्टर, वेट स्कबर, डस्ट कलेक्टर तथा जल प्रदूषणकारी उद्योगों में जल प्रदूषण के नियंत्रण हेतु स्थापित उपस्कर यथा ईटीपी, न्युट्रालाईजेशन सह सेटलिंग टैंक का सतत् संचालन सुनिश्चित करवाया जा रहा है। तथापि उद्योगों से उत्सर्जन की स्थिति पाए जाने पर उद्योगों के विरूद्ध वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल भिलाई की क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अनिता सांवत से मिली जानकारी अनुसार विगत वर्ष 2025 से अब तक उद्योगों से उत्सर्जन तथा दूषित जल का निस्सारण पाये जाने पर उल्लंघनकारी 67 उद्योगों को नोटिस जारी किया गया। क्षेत्रीय कार्यालय, भिलाई द्वारा इसके अतिरिक्त अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले 17 उद्योगों के विद्युत विच्छेदन एवं उत्पादन बन्द करने हेतु निर्देश जारी किया गया। इसके अतिरिक्त जल एवं वायु प्रदूषण की स्थिति निर्मित करने वाले उल्लंघनकारी उद्योगों पर कुल 58,11,250 रूपए पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है।
क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा कच्चे माल, उत्पाद एवं ठोस अपशिष्ट का खुले में परिवहन किये जाने पर 73 उद्योगों के विरुद्ध कुल 24,65,000 रूपये पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिरोपित की गई है। क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नियमित रूप से औद्योगिक क्षेत्रों की निगरानी रखी जा रही है। किसी भी उद्योग से उत्सर्जन अथवा दूषित जल का निस्सारण पाए जाने पर उद्योग के विरूद्ध वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1981 एवं जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत कार्यवाही किया गया है।