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हनुमान जन्मोत्सव पर रायपुर में गूंजा आस्था का स्वर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार का शुभारंभ

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रायपुर की धार्मिक धड़कनों को उस समय और अधिक गति मिल गई जब हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर विष्णुदेव साय स्टेशन चौक स्थित नर्मदा कुंड राम जानकी मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर पहले से ही भक्ति और श्रद्धा के रंग में डूबा हुआ था, जहां श्री राम कथा के आयोजन के साथ-साथ हनुमान जयंती की उत्सवधर्मिता चरम पर दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान के साथ हनुमान जी की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर परिसर में राम नाम के जयघोष से ऐसा वातावरण बना, मानो पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित हो उठा हो।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में हनुमान जी के जीवन को निष्ठा, सेवा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका चरित्र हर व्यक्ति को अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 1 से 5 अप्रैल तक चल रही श्री राम कथा, जिसे स्वामी राजीव लोचन दास जी द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक जागरण का महत्वपूर्ण अवसर बन गई है।

इस अवसर का एक और महत्वपूर्ण पहलू रहा नर्मदा कुंड के जीर्णोद्धार कार्य का भूमिपूजन। मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा कर इस कार्य की शुरुआत की, जिसे स्थानीय श्रद्धालुओं ने गहरी आस्था और उत्साह के साथ स्वीकार किया। नर्मदा कुंड से जुड़ी मान्यता, जिसमें महंत दयाल दास जी के चिमटे से मां नर्मदा के प्राकट्य की कथा प्रचलित है, आज भी लोगों के विश्वास का केंद्र बनी हुई है। ऐसे में इस स्थल का पुनर्निर्माण धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की पहचान को प्रभु श्री राम की जन्मभूमि से जोड़ते हुए कहा कि यह भूमि माता कौशल्या का मायका है और इसलिए रामायण काल से इसका गहरा आध्यात्मिक संबंध रहा है। उन्होंने दंडकारण्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्तमान का अबूझमाड़ वही क्षेत्र है जहां भगवान राम ने अपने वनवास का बड़ा हिस्सा बिताया था। इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रभु श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक करीब 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं, जबकि 5 हजार से अधिक बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों की यात्रा कराई गई है। राज्य में 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को चिन्हांकित कर उन्हें विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने राज्य में लागू धर्म स्वातंत्र्य कानून की चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि अनैच्छिक धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसके लिए बनाए गए नियम देश के अन्य राज्यों की तुलना में अधिक कठोर हैं। साथ ही सुरभि गौधाम योजना के अंतर्गत अब तक 29 गौधाम शुरू किए जा चुके हैं और 330 गौधामों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन केंद्रों में गौसंवर्धन के साथ-साथ गोबर आधारित उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दी जा रही है।

इस भव्य आयोजन में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक किरण सिंहदेव, विधायक पुरंदर मिश्रा, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, फिल्म विकास निगम अध्यक्ष मोना सेन और औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु इस अवसर के साक्षी बने। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रुद्र सेना और रुद्र शक्ति के पोस्टरों का विमोचन भी किया, जो सांस्कृतिक जागरूकता के नए आयाम को दर्शाता है।

हनुमान जन्मोत्सव के इस आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और धार्मिक जड़ें कितनी गहरी हैं, और जब शासन और समाज साथ मिलकर इन्हें सहेजने का प्रयास करते हैं, तो आस्था एक जन आंदोलन का रूप ले लेती है।

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