छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ओडिशा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की साजिश रच रहे 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 2 महिलाएं और एक नाबालिग भी शामिल है। इस कार्रवाई ने इलाके में सक्रिय नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से करीब 22.450 किलो गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 11.22 लाख रुपए आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ओडिशा निवासी शांतनु मलिक, रोमियो मलिक, जुलियत मलिक, राहुल मलिक, रश्मिता दीगल और दीपा दीगल के रूप में हुई है। सभी आरोपी लंबे समय से इस अवैध नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को 2 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि गंज थाना क्षेत्र के तेलघानी नाका के पास कुछ संदिग्ध लोग बैग में गांजा लेकर खड़े हैं और कहीं जाने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और 4 पुरुष, 2 महिलाएं और एक नाबालिग को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के बैग से बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह ओडिशा से मादक पदार्थ लाकर मध्यप्रदेश में सप्लाई करने की योजना बना रहा था। इस नेटवर्क के जरिए अलग-अलग राज्यों में गांजा पहुंचाने का काम किया जा रहा था।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल गंज थाना पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। क्राइम और साइबर पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे गिरोहों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि राज्य में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया जा रहा है।