डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ते साइबर खतरों के बीच Meta ने WhatsApp यूज़र्स के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। कंपनी ने बताया है कि कुछ साइबर अपराधी नकली WhatsApp ऐप के जरिए लोगों की निजी जानकारी चुराने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने की कोशिश कर रहे हैं।
Meta के मुताबिक, ये फर्जी ऐप बिल्कुल असली WhatsApp की तरह दिखते हैं, जिससे यूज़र्स आसानी से भ्रमित हो जाते हैं। लेकिन एक बार डाउनलोड होने के बाद ये ऐप चुपचाप डिवाइस में घुसकर चैट, कॉन्टैक्ट्स और पर्सनल डेटा तक पहुंच बना लेते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस तरह के स्पाइवेयर ने खासतौर पर इटली में करीब 200 Android और iPhone यूज़र्स को निशाना बनाया।
इस खतरे को देखते हुए Meta ने WhatsApp में नए सिक्योरिटी फीचर्स भी जोड़े हैं। इनमें स्कैम और फ्रॉड अलर्ट सिस्टम के साथ एक खास “डिवाइस लिंकेज वॉर्निंग” फीचर शामिल है, जो यूज़र को तुरंत अलर्ट करता है अगर कोई संदिग्ध डिवाइस उनके अकाउंट से जुड़ने की कोशिश करता है। इससे यूज़र्स को अपने अकाउंट पर बेहतर कंट्रोल मिलता है।
Meta ने यह भी साफ किया है कि WhatsApp के सिस्टम में कोई तकनीकी कमजोरी नहीं पाई गई है। यह खतरा केवल तब पैदा होता है जब यूज़र्स अनऑफिशियल या थर्ड-पार्टी सोर्स से ऐप डाउनलोड करते हैं। कंपनी ने ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित यूज़र्स को लॉगआउट किया और उन्हें चेतावनी भेजी।
इस मामले में WhatsApp ने इटली की स्पाइवेयर फर्म Asigint के खिलाफ भी कार्रवाई की है, जो कथित तौर पर इस नकली ऐप के पीछे मानी जा रही है। यह कदम दिखाता है कि कंपनी अब साइबर जासूसी और डेटा चोरी के मामलों को लेकर सख्त रुख अपना रही है।
यूज़र्स के लिए सबसे जरूरी सलाह यही है कि वे केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही ऐप डाउनलोड करें। किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान वेबसाइट से ऐप इंस्टॉल करने से बचें। साथ ही, अपने अकाउंट की सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जरूर ऑन रखें और समय-समय पर सिक्योरिटी सेटिंग्स अपडेट करते रहें।
आज के दौर में डिजिटल सुरक्षा सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुकी है। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।