आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए राहत भरी खबर जरूर आई है, लेकिन इसके साथ ही अनिश्चितता भी बनी हुई है। महेंद्र सिंह धोनी चोट के बाद ट्रेनिंग कैंप में लौट आए हैं, जिससे टीम का मनोबल बढ़ा है। हालांकि, पंजाब किंग्स के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले में उनके खेलने को लेकर अब भी तस्वीर साफ नहीं है।
सीजन के पहले मैच में Chennai Super Kings को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। उस मुकाबले में धोनी पिंडली की चोट के कारण नहीं खेल पाए थे और शुरुआती अनुमान था कि वह करीब दो हफ्ते तक टीम से बाहर रहेंगे। लेकिन उम्मीद से पहले उनकी वापसी ने फैंस और टीम दोनों को राहत दी है।
चेन्नई में हुए प्रैक्टिस सेशन के दौरान धोनी ने नेट्स में बल्लेबाजी की और हल्की फिटनेस एक्सरसाइज भी की। उन्होंने रेंज-हिटिंग पर खास ध्यान दिया, जिससे साफ है कि वह धीरे-धीरे अपनी मैच फिटनेस वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने पूरी टीम के साथ फुल ट्रेनिंग नहीं की और सबसे अहम बात—विकेटकीपिंग प्रैक्टिस से दूरी बनाए रखी।
यही कारण है कि उनके खेलने को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। विकेटकीपिंग जैसे अहम रोल में पूरी फिटनेस जरूरी होती है और टीम मैनेजमेंट कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रहा। प्रैक्टिस के दौरान विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संजू सैमसन संभालते नजर आए, जो इस बात का संकेत है कि धोनी को लेकर फैसला आखिरी समय में ही लिया जाएगा।
CSK के लिए यह मुकाबला बेहद अहम है, क्योंकि टीम को सीजन की पहली जीत की तलाश है। ऐसे में धोनी की मौजूदगी न सिर्फ रणनीतिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी टीम के लिए बड़ा फर्क डाल सकती है। हालांकि फ्रेंचाइजी का फोकस साफ है—जल्दबाजी से बचते हुए खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट रखना।
इस बीच, टीम के एक और खिलाड़ी डेवॉल्ड ब्रेविस भी चोट से उबरते हुए ट्रेनिंग में दिखे, लेकिन वह भी पूरी तरह फिट नहीं हैं।
कुल मिलाकर, धोनी की ट्रेनिंग में वापसी ने उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन क्या वह मैदान पर उतरेंगे या नहीं—इसका जवाब मैच से ठीक पहले ही मिलेगा। फिलहाल फैंस की नजरें टीम शीट पर टिकी हुई हैं।