आईपीएल 2026 में एक बार फिर उभरते हुए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। महज 15 साल की उम्र में वे न सिर्फ अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से, बल्कि अपने व्यवहार और संस्कारों से भी क्रिकेट जगत का दिल जीत रहे हैं। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी का अगला मुकाबला गुजरात टाइटंस से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होना है, लेकिन मैच से पहले ही वे सुर्खियों में छा चुके हैं।
यह मुकाबला वैभव के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले सीजन में इसी टीम के खिलाफ उन्होंने महज 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। वह पारी आईपीएल इतिहास में किसी भारतीय बल्लेबाज की सबसे तेज सेंचुरी मानी गई और इसी ने उन्हें बड़े मंच पर पहचान दिलाई।
इस सीजन की शुरुआत भी उन्होंने धमाकेदार अंदाज में की है। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ पहले ही मैच में उन्होंने सिर्फ 17 गेंदों में 52 रन ठोककर अपनी टीम को जीत दिलाई और यह साफ कर दिया कि वे सिर्फ एक सीजन के खिलाड़ी नहीं, बल्कि लंबी रेस के घोड़े हैं।
लेकिन वैभव की चर्चा सिर्फ उनके बल्ले तक सीमित नहीं रही। गुजरात के खिलाफ मुकाबले से पहले प्रैक्टिस सेशन में एक ऐसा पल सामने आया, जिसने सभी का दिल जीत लिया। जब उनकी मुलाकात आशीष नेहरा से हुई, तो वैभव ने झुककर उनके पैर छुए। यह देखकर नेहरा भी भावुक हो गए और उन्होंने तुरंत वैभव को गले लगा लिया। इस छोटे से सम्मान ने यह दिखा दिया कि यह खिलाड़ी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भारतीय संस्कार भी साथ लेकर चल रहा है।
प्रैक्टिस के दौरान उनका एक और पहलू भी सामने आया, जब वे यशस्वी जायसवाल और प्रसिद्ध कृष्णा की बातचीत को ध्यान से सुनते नजर आए। यह साफ दर्शाता है कि वैभव सिर्फ खेलने नहीं, बल्कि सीखने के लिए भी उतने ही उत्सुक हैं।
वैभव का सफर भी उतना ही प्रेरणादायक रहा है। अंडर-19 स्तर पर उन्होंने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। खासकर अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी 175 रन की तूफानी पारी ने उन्हें एक अलग पहचान दी।
आमतौर पर कहा जाता है कि दूसरे सीजन में खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ जाता है, लेकिन वैभव ने इस धारणा को भी गलत साबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि कोचों ने उन्हें अपने नैचुरल गेम पर भरोसा रखने की सलाह दी है, और वही उनकी सफलता का राज भी बनता जा रहा है।
कुल मिलाकर, वैभव सूर्यवंशी आज सिर्फ एक उभरते बल्लेबाज नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की मजबूत उम्मीद बनकर सामने आ रहे हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गुजरात टाइटंस के खिलाफ वे एक बार फिर वही जादू दोहरा पाते हैं या नहीं।