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US-Iran War Update: ईरान ने ठुकराया ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- ‘तुम्हारे लिए नरक के दरवाजे खोल देंगे’

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ईरान के केंद्रीय सैन्य मुख्यालय ‘खातम अल-अनबिया’ के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने डोनाल्ड ट्रम्प की 48 घंटे की समय-सीमा को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका अपनी बेबसी को धमकियों के पीछे छिपा रहा है।

ईरानी नेतृत्व का कहना है कि यदि उनके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे पूरे क्षेत्र को अमेरिका के लिए ‘नरक’ बना देंगे। बता दें कि ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को न खोलने पर ईरान के ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की चेतावनी दी थी।

​इजरायल का ‘एयर कैंपेन’: ऊर्जा और स्टील सेक्टर निशाने पर
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने एक वीडियो जारी कर पुष्टि की है कि उनकी सेना अब ईरान के सामान्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए तैयार है। इस अभियान के अगले चरण में ईरान के बिजली घरों, ऊर्जा संयंत्रों और वितरण नेटवर्क पर हमले होंगे।

इजरायल ने अपने हमलों का दायरा बढ़ाकर स्टील जैसे ‘ड्यूअल-यूज’ सेक्टर को भी शामिल किया है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल केवल अमेरिका की अंतिम मंजूरी का इंतजार कर रहा है ताकि वह ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को पंगु बना सके।

​परमाणु साइट्स पर हमला: बुशहर में 4 बार धमाके
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल ने ‘बुशहर न्यूक्लियर साइट’ पर चार बार हमला किया है। अरागची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि न्यूक्लियर साइट के पास ये हमले बेहद जोखिम भरे हैं और इनसे न केवल ईरान, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

उन्होंने इसकी तुलना यूक्रेन के जापोरीज्जिया न्यूक्लियर प्लांट के संकट से करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल देने की अपील की है।

​लापता अमेरिकी पायलट और हेलीकॉप्टर पर फायरिंग
ईरान के कोहगिलुयेह और खुजेस्तान के पहाड़ी इलाकों में एक लापता अमेरिकी पायलट की तलाश कर रहे अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर स्थानीय आदिवासी कबीलों ने फायरिंग की है। ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने इन कबीलों की सराहना करते हुए उन्हें ‘सीमा का रक्षक’ बताया है।

इसके साथ ही, ईरान ने लापता अमेरिकी पायलट को पकड़ने वाले के लिए भारी इनाम की घोषणा की है और दावा किया है कि उनका नया एयर डिफेंस सिस्टम अमेरिकी विमानों को गिराने में पूरी तरह सक्षम है।

​वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर: बिजली और ईंधन संकट
ईरान-अमेरिका युद्ध का असर अब पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। मिस्र में बढ़ते ईंधन संकट के कारण सरकार ने बिजली की कीमतों में 16 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो अप्रैल से लागू होगी।

वहीं, कुवैत में ईरानी ड्रोन हमले के बाद सरकारी दफ्तरों को नुकसान पहुँचा है, जिसके बाद कर्मचारियों को घर से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के पूर्व प्रमुख मोहम्मद अलबेदेई ने ट्रम्प की नीतियों की कड़ी निंदा करते हुए खाड़ी देशों और संयुक्त राष्ट्र से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है ताकि पूरे क्षेत्र को ‘आग का गोला’ बनने से बचाया जा सके।

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