“क्या आप भी रोज ऐसी गलतियां कर रहे हैं जो आपकी सेहत को अंदर से खराब कर रही हैं? गंदा खान-पान और बढ़ता तनाव पेट संक्रमण से लेकर डिप्रेशन तक का कारण बन सकता है।”
गलत खान-पान और बढ़ता तनाव आपकी सेहत को अंदर से कमजोर कर सकता है। पेट में संक्रमण, एसिडिटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कुछ छोटी गलतियां बड़ी बीमारी का कारण बन सकती हैं। जानिए इससे बचने के आसान और असरदार उपाय।
कोकिलाबेन हॉस्पिटल के डॉ. अर्पित गुप्ता के अनुसार,
“गंदा खान-पान और अनहाइजीनिक फूड आज पेट संक्रमण का सबसे बड़ा कारण बन रहा है।”
मेदांता मेडिसिटी के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सुकृत सूद कहते हैं,
“अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो साधारण एसिडिटी भी गंभीर पेट रोग में बदल सकती है।”
पेट में संक्रमण और एसिडिटी से कैसे बचें?
गंदा और अस्वच्छ खान-पान पेट से जुड़ी कई समस्याओं को जन्म देता है। खासकर गर्मी के मौसम में संक्रमण और एसिडिटी की आशंका बढ़ जाती है।
बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें:
- खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोएं।
- बाहर के खाने से जितना हो सके बचें।
- अधपका या अनहाइजीनिक खाना न खाएं।
- खुले और बासी भोजन से दूरी बनाएं।
- खाने की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी हो तो उससे बचें।
अगर पेट में दर्द, उल्टी या संक्रमण के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
मानसिक स्वास्थ्य भी है उतना ही जरूरी
शरीर के साथ-साथ दिमाग का स्वस्थ रहना भी बेहद जरूरी है। लगातार तनाव और नकारात्मक सोच डिप्रेशन का कारण बन सकती है। डॉ. अर्पित गुप्ता के मुताबिक,
“लगातार तनाव और खराब जीवनशैली डिप्रेशन को बढ़ावा देती है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।”
डिप्रेशन क्या है?
डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक उदासी, तनाव और नकारात्मक विचारों में घिरा रहना डिप्रेशन कहलाता है।
डिप्रेशन के प्रमुख लक्षण
- किसी काम में मन न लगना।
- लोगों से दूरी बनाना।
- पसंदीदा चीजों में रुचि खत्म होना।
- नींद और खानपान में बदलाव।
- थकान और निराशा।
गंभीर स्थिति में:
- जीवन के प्रति निराशा।
- आत्महत्या जैसे विचार।
इलाज और उपाय
- मनोचिकित्सक की काउंसलिंग।
- कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (CBT)
- जरूरत पड़ने पर एंटीडिप्रेसेंट दवाएं।
कैसे रखें मानसिक स्वास्थ्य बेहतर?
- रोज योग और प्राणायाम करें।
- मेडिटेशन को दिनचर्या में शामिल करें।
- सकारात्मक सोच रखें।
- सामाजिक संबंध बनाए रखें।
- नशे से दूरी रखें।
- संतुलित आहार लें।
सबसे बड़ी गलती क्या है?
लोग अक्सर बाहर का खाना और अनहाइजीनिक फूड खाकर पेट खराब कर लेते हैं, जो आगे चलकर मानसिक तनाव और डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है।
डॉक्टर की सलाह
अगर लंबे समय तक पेट या मानसिक समस्या बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज ही सबसे बड़ा बचाव है। डॉ. सुकृत सूद सलाह देते हैं,
“लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना जरूरी है।”