छत्तीसगढ़ के Balod जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। झलमला गांव स्थित एक कबाड़ दुकान में काम के दौरान 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
बताया जा रहा है कि रविवार को पांच मजदूर एक गाड़ी में लोहे का कबाड़ लोड कर रहे थे। इसी दौरान कबाड़ या वाहन का कोई हिस्सा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। अचानक तेज करंट पूरे वाहन में फैल गया, जिससे वहां मौजूद मजदूरों में चीख-पुकार मच गई।
इस हादसे में तीन मजदूर करंट की चपेट में आ गए, जबकि दो मजदूर तुरंत गाड़ी से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। करंट इतना तेज था कि जवाहरपारा निवासी 50 वर्षीय दीनू सतनामी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं घायल दो मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने इस घटना के लिए कबाड़ दुकान संचालक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि दुकान के ऊपर से 11 केवी लाइन गुजरने के बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। बिना पर्याप्त दूरी और सावधानी के मजदूरों से काम करवाना इस हादसे की बड़ी वजह बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक सुरक्षा मानकों की अनदेखी मजदूरों की जान लेती रहेगी।