Chhattisgarh के Raigarh जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शख्स ने खुद को कृषि मंत्री Ramvichar Netam का बहनोई बताकर करीब 23 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपी ने मंत्रालय में ऊंची पहुंच का भरोसा दिलाकर पीड़ितों को अपने जाल में फंसाया और अलग-अलग किश्तों में बड़ी रकम वसूल ली।
मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां रामभांठा निवासी समारू राम टंडन इस ठगी का शिकार हुए। पेशे से ड्राइवर समारू की मुलाकात रायपुर के जयस्तंभ चौक पर महासमुंद निवासी कुमार राम ठाकुर और उसकी पत्नी सोहद्रा बाई से हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने खुद को मंत्री का करीबी बताते हुए मंत्रालय में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और यहीं से ठगी की पूरी साजिश शुरू हुई।
समारू ने अपने बेटे का बायोडाटा भेजा, जिसके बाद आरोपी ने नौकरी के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। धीरे-धीरे यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिजनों और परिचितों को भी इसमें शामिल कर लिया गया। सभी ने भरोसा करते हुए अपने-अपने बायोडाटा और पैसे आरोपी को सौंप दिए।
पहले चरण में कैश और ऑनलाइन मिलाकर लाखों रुपये दिए गए। इसके बाद आरोपी ने पीड़ितों को अपने गांव बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाया और बाकी रकम भी वसूल ली। उसने दावा किया कि 12 दिसंबर 2025 को मंत्रालय में डाटा ऑपरेटर पद पर जॉइनिंग करवा दी जाएगी। लेकिन जब तय तारीख आई, तो आरोपी ने विधानसभा सत्र का बहाना बनाकर जॉइनिंग टाल दी।
इसके बाद लगातार पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। जब पीड़ित दोबारा उसके गांव पहुंचे और पैसे वापस मांगे, तो आरोपी और उसके साथियों ने गाली-गलौज कर साफ इनकार कर दिया। यहीं से पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह किस तरह लोगों की मजबूरी और भरोसे का फायदा उठाते हैं। ऐसे मामलों में सतर्क रहना और बिना जांच-पड़ताल किसी पर भरोसा न करना बेहद जरूरी है।