एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की उभरती स्टार Preeti Pawar ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। उन्होंने सेमीफाइनल में कोरिया की ओलंपिक पदक विजेता ऐजी इम को एकतरफा अंदाज में 5-0 से हराकर अपने दमदार खेल का परिचय दिया। इस जीत के साथ प्रीति ने न सिर्फ पदक पक्का किया, बल्कि गोल्ड की उम्मीद भी जगा दी है।
अब फाइनल में उनके सामने कड़ी चुनौती होगी, जहां उनका मुकाबला चीनी ताइपे की तीन बार की विश्व चैंपियन हुआंग सियाओ वेन से होगा। यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है, क्योंकि दोनों मुक्केबाज शानदार फॉर्म में हैं।
वहीं 60 किलोग्राम वर्ग में Priya ने भी जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए स्थानीय खिलाड़ी नामून मोंखोर को 5-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। अब वह उत्तर कोरिया की उन जियोंग वोन से भिड़ेंगी। इसी तरह Arundhati Choudhary ने 70 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में उजबेकिस्तान की ओइशा तोइरोवा को 4-1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
हालांकि भारत को इस टूर्नामेंट में कुछ बड़े झटके भी लगे हैं। दो बार की विश्व चैंपियन Nikhat Zareen सेमीफाइनल में चीन की वू यू से 5-0 से हारकर बाहर हो गईं। यह इस प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ उनकी लगातार दूसरी हार रही। वहीं टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता Lovlina Borgohain भी 75 किलोग्राम वर्ग में उजबेकिस्तान की अजीजा जोकिरोवा से 5-0 से हार गईं, जिससे भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा।
अन्य मुकाबलों में पूजा रानी और अंकुशिता बोरो को भी सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद भारतीय महिला मुक्केबाजों ने कुल मिलाकर अच्छा प्रदर्शन किया है और कई खिलाड़ियों ने फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए गोल्ड की उम्मीदें कायम रखी हैं।
कुल मिलाकर, जहां एक तरफ प्रीति पवार का प्रदर्शन भारत के लिए गर्व का कारण बना है, वहीं दूसरी ओर कुछ अनुभवी खिलाड़ियों की हार ने यह दिखा दिया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला कितना कड़ा हो चुका है। अब सबकी नजर फाइनल मुकाबलों पर टिकी है, जहां भारत के पास गोल्ड जीतने का सुनहरा मौका है।