Air India ने घरेलू उड़ानों के किराए में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जिससे अब यात्रियों को हवाई सफर के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। कंपनी ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ा दिया है, जो 8 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इस फैसले के पीछे मुख्य वजह विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी बताई जा रही है।
एयरलाइन के अनुसार, वैश्विक बाजार में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। जहां फरवरी के अंत में इसकी कीमत करीब 99.40 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं अब यह बढ़कर 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इस तेजी ने एयरलाइंस की लागत पर भारी दबाव डाला है, जिसके चलते किराया बढ़ाना जरूरी हो गया।
अब घरेलू उड़ानों में फ्यूल सरचार्ज दूरी के हिसाब से तय किया जाएगा। पहले जहां एक समान (फ्लैट) सरचार्ज लिया जाता था, वहीं अब यात्रियों को 299 रुपये से लेकर 899 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यह नया नियम एयर इंडिया के साथ-साथ एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों पर भी लागू होगा।
सिर्फ घरेलू ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी इसका असर देखने को मिलेगा। सार्क देशों के लिए सरचार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा, जबकि अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के रूट्स पर यात्रियों को 280 डॉलर यानी करीब 23 हजार रुपये तक ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। अन्य रूट्स जैसे सिंगापुर, पश्चिम एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका और यूरोप के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं।
फ्यूल सरचार्ज वह अतिरिक्त शुल्क होता है, जिसे एयरलाइंस तेल की बढ़ती कीमतों की भरपाई के लिए टिकट में जोड़ती हैं। एयर इंडिया का कहना है कि वह अभी भी बढ़ी हुई लागत का पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रही है और कुछ हिस्सा खुद वहन कर रही है। कंपनी समय-समय पर बाजार की स्थिति के अनुसार इन दरों की समीक्षा भी करेगी।
गौरतलब है कि जेट फ्यूल एयरलाइंस के कुल ऑपरेटिंग खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा होता है, जो लगभग 30% से 40% तक होता है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में मामूली बदलाव भी टिकट के दामों पर बड़ा असर डालता है।
कुल मिलाकर, अगर आप आने वाले दिनों में फ्लाइट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा बजट तैयार रखना होगा, क्योंकि महंगा ईंधन सीधे आपकी जेब पर असर डालने वाला है।