छत्तीसगढ़ से एक बेहद चिंताजनक और शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर कानून व्यवस्था तक कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बस्तर की जानी-मानी कंटेंट क्रिएटर निवेदिता मंडावी को इंस्टाग्राम पर गैंगरेप और अपहरण की धमकी देने की साजिश रची गई। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब एक कथित “नशा मुक्ति” ग्रुप की चैट लीक हुई, जिसमें कुछ युवक खुलेआम उनके खिलाफ घिनौनी और आपराधिक योजना बनाते नजर आए।
बताया जा रहा है कि इस इंस्टाग्राम ग्रुप का उद्देश्य नशा मुक्ति जैसे सामाजिक मुद्दे पर चर्चा करना बताया गया था, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट निकली। ग्रुप में शामिल कुछ युवकों ने न सिर्फ निवेदिता की तस्वीर शेयर की, बल्कि बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनके अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म की योजना तक बना डाली। यह पूरी बातचीत जब निवेदिता तक पहुंची, तो उन्होंने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस घटना ने तब और भावनात्मक मोड़ ले लिया, जब निवेदिता मंडावी ने खुद एक वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की। वीडियो में वह रोती हुई नजर आईं और उन्होंने बताया कि किस तरह उन्हें इस साजिश के बारे में पता चला। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
इस मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि निवेदिता के पिता पुलिस विभाग में DSP के पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद इस तरह की साजिश का सामने आना यह दिखाता है कि सोशल मीडिया पर अपराध किस हद तक बढ़ चुके हैं और अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने खुलकर निवेदिता का समर्थन किया। कई यूजर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने उनके समर्थन में वीडियो बनाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। लोगों ने इसे न सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला बताया, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और महिलाओं की गरिमा पर सीधा प्रहार कहा।
पुलिस ने मामले में तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की है। केशकाल थाना प्रभारी विकास बघेल के अनुसार, इंस्टाग्राम ग्रुप के जरिए अश्लील टिप्पणी और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में 5 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी आरोपी केशकाल, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पहले इस मामले में रायपुर में जीरो FIR दर्ज की गई थी, जिसके बाद इसे केशकाल ट्रांसफर कर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई भले ही शुरुआत हो, लेकिन इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल किस तरह खतरनाक रूप ले सकता है।
निवेदिता मंडावी, जो अपने कंटेंट के जरिए बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का काम करती हैं, आज खुद एक ऐसे अपराध का शिकार हुई हैं, जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया है। यह घटना सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि एक चेतावनी है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कानून और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।