वैश्विक हालात में आई थोड़ी राहत के बीच घरेलू सर्राफा बाजार में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। India Bullion and Jewellers Association के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों ही मजबूत उछाल के साथ नए स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों की नजर इस बाजार पर टिक गई है।
आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोना करीब ₹4,000 महंगा होकर ₹1.52 लाख के स्तर पर पहुंच गया है। एक दिन पहले यानी 7 अप्रैल को यह ₹1.48 लाख पर था। वहीं चांदी ने तो और भी तेज छलांग लगाई है—एक किलो चांदी ₹13,000 बढ़कर ₹2.44 लाख तक पहुंच गई, जो हाल के समय की बड़ी तेजी मानी जा रही है।
अगर कैरेट के हिसाब से देखें तो 24 कैरेट सोना ₹1,52,068, 22 कैरेट ₹1,39,254, 18 कैरेट ₹1,14,051 और 14 कैरेट ₹88,960 के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं देश के प्रमुख शहरों—दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, जयपुर और रायपुर—में भी कीमतें लगभग इसी रेंज में बनी हुई हैं, जहां 24 कैरेट सोना ₹1.53 लाख से ऊपर ही बिक रहा है।
साल 2026 की शुरुआत से अब तक सोना करीब ₹19,000 महंगा हो चुका है, जबकि चांदी में भी लगभग ₹14,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को जो सोना ₹1.33 लाख पर था, वह अब ₹1.52 लाख के पार पहुंच चुका है। यह तेजी बताती है कि वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित विकल्प की तलाश ने कीमती धातुओं की मांग बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के चलते निवेशक गोल्ड और सिल्वर जैसे “सेफ हेवन” एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं। यही वजह है कि थोड़े-बहुत राहत के बावजूद कीमतों में तेजी बनी हुई है।
हालांकि, इस समय खरीदारी करते वक्त सावधानी भी जरूरी है। सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित गोल्ड ही लेना चाहिए, ताकि शुद्धता की गारंटी मिल सके। साथ ही अलग-अलग स्रोतों से कीमत की पुष्टि करना भी जरूरी है, क्योंकि कैरेट के अनुसार दाम बदलते रहते हैं।
चांदी खरीदते समय भी कुछ आसान टेस्ट मददगार हो सकते हैं—जैसे मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट और स्मेल टेस्ट—जिनसे असली और नकली चांदी की पहचान की जा सकती है।
कुल मिलाकर, सर्राफा बाजार में आई यह तेजी संकेत देती है कि आने वाले समय में भी सोना-चांदी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रह सकते हैं। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए समझदारी से निवेश करना ही सही रणनीति होगी।