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सीजफायर के बाद भी खाड़ी में खतरा कायम: सायरन से गूंजे कई देश, मिसाइल-ड्रोन हमलों का डर बरकरार

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पश्चिम एशिया में युद्धविराम की घोषणा के बावजूद हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। Donald Trump द्वारा सीजफायर का ऐलान किए जाने के कुछ ही घंटों बाद खाड़ी देशों में अलर्ट सायरन बजने लगे, जिसने यह साफ कर दिया कि तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि खतरा अब भी मंडरा रहा है।

Kuwait, Saudi Arabia, United Arab Emirates और Qatar जैसे देशों में अचानक सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गईं। मिसाइल और ड्रोन हमलों की आशंका को देखते हुए कई जगहों पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या घरों में ही रहने की सलाह दी गई।

इजरायल की सेना ने दावा किया है कि Iran की ओर से मिसाइल हमले किए गए हैं, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। कुवैत में एयर डिफेंस सिस्टम लगातार सक्रिय रखा गया है, जबकि बहरीन में सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया। वहीं यूएई और कतर ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह अलर्ट मोड में डाल दिया है।

इस पूरे संकट के केंद्र में Strait of Hormuz है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट्स में से एक है। अगर इस जलमार्ग पर किसी तरह की रुकावट आती है, तो इसका असर सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को झटका लग सकता है।

ईरान की ओर से भी संकेत मिले हैं कि स्थिति अभी नाजुक बनी हुई है। Abbas Araghchi ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई रोकते हैं, तो ईरान भी पीछे हट सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत की शुरुआत को युद्ध समाप्ति नहीं माना जा सकता।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी है और जल्द ही बातचीत शुरू हो सकती है, जिसकी संभावित जगह Islamabad बताई जा रही है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सभी पक्ष अपनी शर्तों पर सहमत नहीं होते, तब तक हालात अस्थिर बने रहेंगे।

आने वाले दिनों में स्थिति कैसी रहती है, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि जमीन पर सीजफायर कितनी सख्ती से लागू होता है। फिलहाल, छिटपुट हमलों और सीमा क्षेत्रों में तनाव बने रहने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

कुल मिलाकर, सीजफायर ने भले ही एक राहत का संकेत दिया हो, लेकिन पश्चिम एशिया अभी भी बारूद के ढेर पर बैठा हुआ नजर आ रहा है, जहां छोटी सी चिंगारी भी बड़ा संकट खड़ा कर सकती है।

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