छत्तीसगढ़ सरकार ने Mahtari Vandan Yojana के तहत मिलने वाले लाभ को जारी रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब योजना से जुड़ी सभी लाभार्थी महिलाओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर ई-केवाईसी पूरा नहीं किया गया, तो अगली किस्त रोक दी जाएगी।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने 3 अप्रैल से पूरे राज्य में इस अभियान की शुरुआत कर दी है। राज्यभर की करीब 69 लाख महिलाओं को 30 जून 2026 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके लिए अलग-अलग जिलों में विशेष केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां महिलाएं आधार आधारित सत्यापन, फिंगरप्रिंट या ओटीपी के जरिए अपना केवाईसी पूरा कर सकती हैं। इसके अलावा ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे महिलाएं घर बैठे ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।
हालांकि, जमीनी स्तर पर सबसे बड़ी समस्या नाम में गड़बड़ी बनकर सामने आ रही है। कई मामलों में योजना के रिकॉर्ड और आधार कार्ड में दर्ज नामों में मामूली अंतर होने के कारण ई-केवाईसी बार-बार फेल हो रही है। छोटी-छोटी स्पेलिंग मिस्टेक भी सत्यापन में बाधा डाल रही हैं।
इसी को देखते हुए विभाग ने महिलाओं को सलाह दी है कि वे पहले अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर अपने दस्तावेजों की जांच कर लें। अगर किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलती है, तो उसे तुरंत महिला एवं बाल विकास विभाग में आवेदन देकर सुधार कराएं।
सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि लापरवाही या देरी की स्थिति में ई-केवाईसी बार-बार रिजेक्ट हो सकती है, जिससे योजना की अगली किस्त अटक सकती है। इसलिए सभी लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी प्रक्रिया पूरी करें।
कुल मिलाकर, योजना का लाभ लगातार पाने के लिए ई-केवाईसी अब जरूरी शर्त बन चुकी है, जिसमें थोड़ी सी भी चूक भारी पड़ सकती है।