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स्मार्ट मीटर पर बड़ी राहत: अब प्रीपेड बिजली कनेक्शन नहीं होगा अनिवार्य

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प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद किसी भी उपभोक्ता पर प्रीपेड बिजली कनेक्शन थोपना अनिवार्य नहीं होगा। Manohar Lal Khattar ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड या प्रीपेड कनेक्शन चुन सकते हैं।

इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में भी यह लगभग तय हो गया है कि आम उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड सिस्टम अनिवार्य नहीं किया जाएगा। हालांकि Chhattisgarh State Power Company के अधिकारियों का कहना है कि वे केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार ही आगे बढ़ेंगे, लेकिन राज्य स्तर पर कुछ तैयारियां अभी भी जारी हैं।

प्रदेश में करीब 60 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। अब तक 35 लाख से ज्यादा मीटर लगाए जा चुके हैं और बाकी काम भी जारी है। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि सभी कनेक्शनों को प्रीपेड कर दिया जाएगा, यानी रिचार्ज कराने पर ही बिजली मिलेगी। लेकिन अब इस पर नरमी आ गई है।

इस मुद्दे पर कानूनी पहलू भी सामने आया था। उपभोक्ता संगठनों ने तर्क दिया था कि Electricity Act 2003 Section 47(5) में कहीं भी प्रीपेड कनेक्शन को अनिवार्य करने का प्रावधान नहीं है। इसी आधार पर केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक विकल्प है, बाध्यता नहीं।

हालांकि, सरकारी विभागों के कनेक्शनों को लेकर अलग स्थिति बनती दिख रही है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में करीब 45 हजार सरकारी कनेक्शनों को प्रीपेड करने की तैयारी चल रही है। यदि राज्य सरकार अपने निर्णय में बदलाव नहीं करती, तो इन कनेक्शनों पर प्रीपेड सिस्टम लागू किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, आम उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ी राहत है कि अब उन्हें जबरन प्रीपेड सिस्टम में नहीं डाला जाएगा। वे अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार बिजली कनेक्शन का प्रकार चुन सकेंगे।

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