पेपर लीक विवाद के बाद आखिरकार 12वीं हिंदी की परीक्षा दोबारा आयोजित की गई। इस बार Chhattisgarh Board of Secondary Education (माशिमं) पूरी तरह सतर्क नजर आया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो सके।
परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर 12:15 बजे तक चली। छात्रों को तय समय से पहले केंद्र पहुंचना अनिवार्य किया गया था। 9:05 बजे उत्तर पुस्तिका दी गई, 9:10 बजे प्रश्नपत्र बांटे गए और 9:15 बजे से लिखना शुरू कराया गया। पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।
इस बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर खास तकनीकी उपाय अपनाए गए। पेपर के पैकेट्स में वन टाइम लॉक सिस्टम लगाया गया था और उन्हें जीपीएस लॉक युक्त कंटेनरों के जरिए परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया गया। समन्वय केंद्रों पर नोडल अधिकारी और केंद्र प्रभारी की मौजूदगी में वीडियो कॉल के जरिए लॉक खोले गए। स्ट्रॉन्ग रूम की सीलिंग और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
हालांकि छात्रों के लिए यह दोबारा परीक्षा देना आसान नहीं रहा। कई विद्यार्थियों ने बताया कि री-एग्जाम के कारण उनका समर वेकेशन पोस्टपोन करना पड़ा। उनका कहना था कि अगर पेपर लीक नहीं होता, तो उन्हें दोबारा परीक्षा देने की जरूरत ही नहीं पड़ती। राहत की बात यह रही कि अधिकांश छात्रों ने इस बार के पेपर को पहले की तुलना में आसान बताया।
दरअसल, 15-16 मार्च के दौरान हिंदी विषय के प्रश्नपत्र लीक होने की खबरें सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर सेट ‘बी’ का पेपर वायरल हुआ था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई और सिटी कोतवाली में एफआईआर भी की गई। जांच के बाद 23 मार्च 2026 को परीक्षा समिति की बैठक में परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया था।
इस बार परीक्षा प्रक्रिया में केंद्राध्यक्षों पर भी सख्त निगरानी रखी गई। प्रश्नपत्रों के परिवहन से लेकर वितरण तक हर चरण पर अधिकारियों की नजर रही। परीक्षा के बाद इस्तेमाल किए गए वन टाइम लॉक को जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा करना भी अनिवार्य किया गया।
कुल मिलाकर, इस री-एग्जाम ने एक तरफ जहां बोर्ड की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया, वहीं दूसरी ओर छात्रों के सामने आई परेशानियों को भी उजागर किया। अब उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।