बिहार के Muzaffarpur से सामने आई यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है, जहां एक 10 साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घिनौनी साजिश में बच्ची की मां की परिचित महिला ही शामिल निकली, जिसने भरोसे का फायदा उठाकर मासूम को दरिंदों के हवाले कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने पहले परिवार से नजदीकी बढ़ाई और फिर बच्ची को बहला-फुसलाकर रामबाग इलाके के एक किराए के कमरे में ले गई। वहां पहले से मौजूद एक व्यक्ति के साथ मिलकर उसने बच्ची को उसके हवाले कर दिया, जिसके बाद दो अन्य लोगों को भी बुलाया गया। इसके बाद बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया।
घटना की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। जब बच्ची दर्द से तड़पने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो आरोपियों ने उसे शांत कराने के लिए नशे की गोलियां दे दीं। बेहोशी की हालत में उसे वापस घर छोड़ दिया गया। जब परिजनों ने बच्ची की हालत देखी, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इस मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें मुख्य साजिशकर्ता, कमरे की व्यवस्था करने वाली और एक अन्य महिला शामिल है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि यह पूरा नेटवर्क अवैध गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है, जिसकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।
घटनास्थल से पुलिस को खून से सने कपड़े और अन्य संदिग्ध सामान भी मिला है। Forensic Science Laboratory की टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं और कमरे को सील कर दिया गया है। वहीं, मुख्य आरोपी और उसके दो साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार का बयान दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के उस काले सच को सामने लाती है जहां भरोसा ही सबसे बड़ा खतरा बन जाता है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और तेज न्यायिक प्रक्रिया की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ जाती है, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।