छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के उतई क्षेत्र से सामने आई यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। एक 5 साल की मासूम बच्ची, जो स्कूल से लौटकर सिर्फ चॉकलेट लेने निकली थी, दरिंदगी का शिकार हो गई। इस मामले ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में बढ़ती क्रूरता को भी उजागर कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी बच्ची का पड़ोसी ही था, जो पहले से परिवार को जानता था। उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और उसके साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया। इसके बाद सबूत मिटाने और बच्ची को चुप कराने के लिए उसने उसके मुंह को कपड़े से बांध दिया और उसे बोरे में भरकर एक सुनसान जगह पर फेंक दिया।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब गांव के कुछ युवकों ने एक बोरे में हलचल देखी। शक होने पर जब उन्होंने बोरा खोला, तो अंदर वही मासूम बच्ची मिली। वह बेहद डरी हुई थी, सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और पूरी तरह सहमी हुई थी। तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है और घटना के वक्त भी नशे में था। उसके घर से घटना से जुड़े अहम सबूत भी बरामद किए गए हैं। मेडिकल जांच में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने POCSO Act के तहत केस दर्ज किया है और इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की तैयारी की जा रही है, ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में मासूम बच्चों की सुरक्षा कितनी बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ऐसे मामलों में सिर्फ सख्त कानून ही नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता और जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।
फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।



