लखनऊ में Bhupesh Baghel ने ज्योतिबा फुले की जयंती कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए सियासी मुद्दों पर भी तीखा बयान दिया। कांग्रेस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे न तो Yogi Adityanath संतुष्ट हैं और न ही Akhilesh Yadav। उनके मुताबिक, जब सत्ता और विपक्ष दोनों ही इससे खुश नहीं हैं, तो यह प्रक्रिया खुद ही सवालों के घेरे में आ जाती है।
यह कार्यक्रम लखनऊ के Indira Gandhi Pratishthan में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता जुटे। इस मौके पर पार्टी ने Jyotiba Phule की 200वीं जयंती को “वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस” के रूप में मनाया।
अपने संबोधन में बघेल ने ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किया और समाज में समानता की नींव रखी। उन्होंने यह भी कहा कि फुले का विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम करता है, खासकर शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने भी फुले के विचारों को आगे बढ़ाने और सामाजिक समानता के लिए काम करने की बात दोहराई। इस दौरान राजनीतिक माहौल भी गर्म रहा, जहां SIR जैसे मुद्दों पर बयानबाजी ने कार्यक्रम को सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे सियासी रंग भी दे दिया।
कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम एक ओर जहां सामाजिक सुधारक को श्रद्धांजलि देने का मंच बना, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक संदेश देने का जरिया भी साबित हुआ।