दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए सभी 11 राजस्व जिलों में जिला विकास समितियों के चेयरमैन नियुक्त कर दिए हैं। इस फैसले के तहत अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे अब स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन को और तेज करने की कोशिश की जाएगी।
जारी आदेश के मुताबिक, बाहरी-उत्तर जिले की जिम्मेदारी मुंडका से विधायक गजेंद्र दराल को दी गई है, जबकि उत्तर जिले में तिमारपुर के विधायक सूर्य प्रकाश खत्री को नियुक्त किया गया है। उत्तर-पश्चिम जिले में रिठाला के विधायक कुलवंत राणा को जिम्मेदारी मिली है। मध्य-उत्तर जिले में मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल और मध्य जिले में मोती नगर के विधायक हरीश खुराना को अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा पश्चिम जिले में उत्तम नगर के विधायक पवन शर्मा, दक्षिण-पश्चिम जिले में द्वारका के विधायक प्रदुम्न सिंह राजपूत और दक्षिण जिले में ग्रेटर कैलाश की विधायक शिखा राय को जिम्मेदारी दी गई है। दक्षिण-पूर्व जिले के लिए कस्तूरबा नगर के नीरज बसोया, पूर्व जिले के लिए कृष्णा नगर के डॉ. अनिल गोयल और उत्तर-पूर्व जिले के लिए रोहतास नगर के विधायक जितेंद्र महाजन को चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से जिला स्तर पर जवाबदेही तय होगी और विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। जिला विकास समितियां स्थानीय परियोजनाओं की समीक्षा, समन्वय और निगरानी का काम करती हैं, जिससे विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।
प्रशासनिक तौर पर यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पहले जारी सभी आदेशों को निरस्त करते हुए नई नियुक्तियां लागू की गई हैं। यानी सरकार अब नए ढांचे के साथ विकास कार्यों को और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना चाहती है।
कुल मिलाकर, दिल्ली सरकार का यह फैसला प्रशासनिक मजबूती और तेज विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में जमीनी स्तर पर देखने को मिल सकता है।