छत्तीसगढ़ के Bhilai स्थित वैशाली नगर में एक अनोखी जनसेवा पहल ने तेजी से लोगों के बीच अपनी पहचान बना ली है। Rikesh Sen द्वारा शुरू की गई ‘1 रुपये चश्मा’ योजना महज 10 दिनों में ही जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। इस पहल के तहत अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराकर आंखों की जांच करवाई है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
यह योजना 2 अप्रैल को Hanuman Jayanti के शुभ अवसर पर शुरू की गई थी, और देखते ही देखते लोगों के बीच भरोसे और राहत का प्रतीक बन गई। हाल ही में लोकांगन परिसर में एक साथ 5,017 लोगों को चश्मे वितरित किए गए, जिसने इस पहल की प्रभावशीलता को और मजबूत कर दिया।
इस योजना की सबसे खास बात इसकी सरल और पारदर्शी प्रक्रिया है। शांति नगर स्थित विधायक कार्यालय में रोज सुबह 8 से 11 बजे तक केवल आधार और वोटर आईडी की कॉपी देकर पंजीयन किया जा सकता है। जिन लोगों के पास पहले से आंखों की जांच रिपोर्ट नहीं है, उनके लिए मौके पर ही मुफ्त जांच की व्यवस्था भी की गई है।
इस पहल का सबसे ज्यादा फायदा उन जरूरतमंद लोगों को मिला है, जो आर्थिक तंगी या इलाज की झंझट के कारण अपनी आंखों की समस्या को नजरअंदाज कर रहे थे। खासकर बुजुर्गों और स्कूली बच्चों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही है। अब बिना लंबी लाइन और बिना ज्यादा खर्च के उन्हें साफ नजर मिल रही है, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सीधा सुधार हुआ है।
लाभार्थियों का कहना है कि यह सिर्फ चश्मा वितरण नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान देने वाली पहल है। विधायक पहले से ही एक्स-रे, डायलिसिस और ब्लड जांच जैसी सुविधाएं भी लोगों तक पहुंचा रहे हैं, और अब इस योजना के जरिए ‘दृष्टि सुधार’ को भी मिशन बना लिया है।
Rikesh Sen का कहना है कि यदि नीयत साफ हो और जनभागीदारी का सही तालमेल हो, तो बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने खुद को जनता का प्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य बताते हुए भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
कुल मिलाकर, यह ‘1 रुपये चश्मा’ योजना सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक ऐसा उदाहरण बन चुकी है, जो दिखाता है कि सही सोच और ईमानदार प्रयास से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।