इस साल Central Board of Secondary Education के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। बोर्ड पहली बार 10वीं और 12वीं के नतीजे अप्रैल में ही घोषित करने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिजल्ट 20 से 25 अप्रैल के बीच जारी हो सकता है, जो अब तक के ट्रेंड से बिल्कुल अलग है, क्योंकि आमतौर पर CBSE मई या जून में परिणाम जारी करता रहा है।
इस बार बोर्ड ने कॉपियों के मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया है और फिलहाल मार्क्स फीडिंग की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद रिजल्ट को अंतिम रूप देने के लिए कमेटी समीक्षा करेगी, जिसमें करीब 10 से 12 दिन का समय लग सकता है।
सबसे बड़ा बदलाव 10वीं के छात्रों के लिए लागू की गई नई ‘टू-एग्जाम’ पॉलिसी है। इसके तहत अब छात्रों को अपने स्कोर सुधारने का एक और मौका मिलेगा। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है, तो वह दूसरी परीक्षा दे सकता है, जो 15 मई से 1 जून के बीच प्रस्तावित है।
इस नीति की सबसे खास बात यह है कि इसमें ‘बेस्ट ऑफ टू’ नियम लागू होगा। यानी दोनों परीक्षाओं में से जिस परीक्षा में छात्र के ज्यादा अंक होंगे, वही अंतिम परिणाम माना जाएगा। इससे छात्रों पर दबाव कम होगा और उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने का मौका मिलेगा।
हालांकि दूसरी परीक्षा पूरी तरह वैकल्पिक होगी। जो छात्र पहले ही अच्छे अंक प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें दोबारा परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट पहले की तरह साल में एक ही बार होंगे और दूसरी परीक्षा केवल थ्योरी विषयों के लिए ही होगी।
इसके साथ ही कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। छात्र केवल सीमित विषयों—जैसे साइंस, मैथ्स, सोशल साइंस और लैंग्वेज—में से अधिकतम तीन विषयों में ही सुधार परीक्षा दे सकेंगे। इसके अलावा, जिन छात्रों ने मुख्य परीक्षा में पर्याप्त उपस्थिति नहीं दी है, उन्हें इस विकल्प का लाभ नहीं मिलेगा।
इस बार CBSE बोर्ड परीक्षा में करीब 44 लाख छात्र शामिल हुए हैं, जिनमें अकेले अजमेर रीजन से ही लगभग 3 लाख छात्र हैं। बोर्ड का उद्देश्य है कि रिजल्ट जल्द जारी कर छात्रों के कॉलेज एडमिशन की प्रक्रिया को समय पर शुरू किया जा सके।
कुल मिलाकर, CBSE का यह नया कदम छात्रों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है। जल्दी रिजल्ट और सुधार परीक्षा का विकल्प, दोनों मिलकर शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माने जा रहे हैं।