रायपुर में एक चौंकाने वाली ठगी का मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ पुलिस बल्कि जांच एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। प्लाईवुड कंपनी के एक कर्मचारी से ‘आधा नोट’ ट्रिक के जरिए 35 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। यह घटना तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई, जहां आरोपी बड़ी चालाकी से हवाला की रकम लेकर फरार हो गए। इस मामले ने शहर में चल रहे हवाला नेटवर्क और उसके तरीके को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक, मुंबई निवासी करण शर्मा अपने मालिक के कहने पर रायपुर पहुंचा था। उसे यहां एक व्यापारी से 35 लाख रुपए नकद लेकर दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पहले चरण में सौदा सामान्य तरीके से हुआ, जहां आधा नोट दिखाकर पहचान सुनिश्चित की गई और रकम सही तरीके से ले ली गई। लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू हुआ।
कुछ समय बाद करण को दूसरे व्यक्ति का नंबर और आधे नोट का सीरियल नंबर भेजा गया। जब वह बताए गए स्थान पर पहुंचा, तो वहां मौजूद व्यक्ति ने आधा नोट दिखाया, जिसका नंबर मिलान करने पर सही प्रतीत हुआ। भरोसा करते हुए करण ने बिना किसी संदेह के 35 लाख रुपए उस व्यक्ति को सौंप दिए। लेकिन जैसे ही उसने उस नोट की तस्वीर अपने मालिक को भेजी, सारा सच सामने आ गया—नोट का नंबर फर्जी था और असली सौदे से उसका कोई मेल नहीं था।
इस तरह बेहद सुनियोजित तरीके से आरोपी ने ‘आधा नोट’ की ट्रिक का इस्तेमाल कर बड़ी रकम हड़प ली। घटना के बाद पीड़ित ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिनमें एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया है। साथ ही, जिस मोबाइल नंबर से संपर्क किया गया था, उसके आधार पर भी आरोपियों की तलाश जारी है।
मामले में हवाला एंगल सामने आने के बाद इनकम टैक्स विभाग भी सक्रिय हो गया है। विभाग ने पैसों के स्रोत की जांच शुरू कर दी है और संबंधित व्यापारियों से लेन-देन की जानकारी मांगी जा रही है। यह मामला अब सिर्फ ठगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अवैध आर्थिक गतिविधियों की बड़ी कड़ी की ओर इशारा कर रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रायपुर में रोजाना करीब 30 करोड़ रुपए का हवाला कारोबार होता है। यहां से मुंबई और झारखंड तक बड़ी मात्रा में नकदी भेजी जाती है। इस लेन-देन पर तय कमीशन भी लिया जाता है, जो इस पूरे नेटवर्क को व्यवस्थित रूप से चलाता है। इतना ही नहीं, यह नेटवर्क देश की सीमाओं से बाहर भी फैला हुआ बताया जाता है, जहां दुबई, श्रीलंका और नेपाल जैसे देशों तक पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं।
इससे पहले भी जांच एजेंसियां हवाला नेटवर्क को लेकर कई खुलासे कर चुकी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यह सामने आ चुका है कि बड़े सट्टा और घोटालों के पैसों का लेन-देन हवाला के जरिए किया जाता रहा है। रायपुर और दुर्ग जैसे शहर इस नेटवर्क के अहम केंद्र बनते जा रहे हैं, जहां से पैसा देश-विदेश तक पहुंचाया जाता है।
फिलहाल पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। लेकिन यह घटना साफ संकेत देती है कि हवाला का यह खेल कितना संगठित और खतरनाक हो चुका है, जहां एक छोटी सी चूक लाखों का नुकसान कर सकती है।