दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़के को हनीट्रैप में फंसाकर उसका अपहरण कर लिया गया और बदले में एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में हड़कंप मचा दिया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी वारदात को समय रहते नाकाम कर दिया। पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित बरामद करते हुए इस मामले में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक महिला और उसका पति भी शामिल हैं।
मामले के अनुसार, 24 वर्षीय महिला ने 14 साल के नाबालिग को सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रेम जाल में फंसाया। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और विश्वास बनने के बाद महिला ने उसे मिलने के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया। जैसे ही नाबालिग वहां पहुंचा, पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे कार में खींचकर अगवा कर लिया। इस पूरी साजिश में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार का ही करीबी रिश्तेदार, यानी सगा भांजा निकला, जिसने भरोसे का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।
अपहरण के बाद आरोपियों ने पीड़ित परिवार को धमकी भरे कॉल किए और बच्चे का वीडियो भेजकर एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और एसएसपी के निर्देश पर तीन अलग-अलग टीमें बनाकर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई कार का नंबर फर्जी निकला, जिससे साफ हो गया कि साजिश पहले से पूरी योजना के साथ रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की, जिससे उनका लोकेशन धमतरी क्षेत्र में मिला। दुर्ग और धमतरी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सड़क पर नाकेबंदी की और जेसीबी लगाकर रास्ता रोक दिया। जैसे ही संदिग्ध कार नजर आई, पुलिस ने उसे घेरकर रोक लिया और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने अपहृत नाबालिग को सुरक्षित छुड़ा लिया और सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटना में शामिल आरोपियों में रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोग शामिल हैं, जिनमें एक महिला, उसका पति और अन्य साथी शामिल हैं।
पूरी जांच में यह भी सामने आया कि इस वारदात की साजिश करीब एक हफ्ते पहले ही रची गई थी। महिला आरोपी ने इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से संपर्क किया और धीरे-धीरे उसे अपने झांसे में लिया। तय योजना के तहत उसे तिरंगा चौक, अमलेश्वर बुलाया गया, जहां पहले से मौजूद गिरोह ने उसे किडनैप कर लिया।
पुलिस ने इस घटना के बाद लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से संपर्क करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि अपराधी किस तरह नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं।