बिहार की राजनीति आज एक बड़े मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के इस्तीफे की खबरों ने सियासी हलचल तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कैबिनेट भंग करने की सिफारिश कर दी है और अब दोपहर करीब 3 बजे राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। यह कदम उनके लंबे राजनीतिक सफर में एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई आखिरी कैबिनेट बैठक के बाद यह फैसला सामने आया है। नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद से ही उनके पद छोड़ने की चर्चा तेज हो गई थी, जो अब लगभग तय मानी जा रही है। अगर वे इस्तीफा देते हैं, तो 20 नवंबर 2025 से शुरू हुआ उनका कार्यकाल महज 145 दिनों में खत्म हो जाएगा, जो उनके राजनीतिक जीवन के सबसे छोटे कार्यकालों में से एक होगा।
सुबह से ही पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। जेडीयू और बीजेपी के कई बड़े नेता वहां पहुंचे और अंदरूनी चर्चा का दौर चला। इसके बाद नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री एक साथ बाहर निकले और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कैबिनेट बैठक में शामिल हुए। इन घटनाक्रमों ने साफ संकेत दे दिया कि राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव होने जा रहा है।
इस्तीफे के बाद शाम 4 बजे NDA विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें बिहार के नए मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लिया जाएगा। इस बैठक में केंद्रीय स्तर के नेता पर्यवेक्षक के तौर पर मौजूद रहेंगे और उनकी निगरानी में नए नेता का चयन किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इस बार बीजेपी अपने किसी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाने की कोशिश कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला बैठक के बाद ही सामने आएगा।
नीतीश कुमार का यह फैसला उनके राजनीतिक भविष्य की नई दिशा की ओर इशारा करता है। राज्य की राजनीति में दो दशकों तक प्रभाव बनाए रखने के बाद अब उनका फोकस केंद्र की राजनीति पर रहने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ेगी।
अब पूरे प्रदेश की नजरें शाम 4 बजे होने वाली NDA की बैठक पर टिकी हैं, जहां से यह साफ होगा कि बिहार की सत्ता की कमान अब किसके हाथों में जाएगी।