छत्तीसगढ़ के Sakti जिले में मंगलवार दोपहर हुआ बॉयलर ब्लास्ट एक भयावह त्रासदी में बदल गया। Vedanta Limited के पावर प्लांट में हुए इस विस्फोट ने देखते ही देखते 16 मजदूरों की जान ले ली, जबकि 36 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलस गए। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की दुनिया उजाड़ देने वाली घटना बन गया है।
बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 2 बजे प्लांट में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर ही 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य ने अस्पतालों में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घायलों को Raigarh और Raipur के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
हादसे में झुलसे मजदूरों की हालत इतनी खराब है कि कई शवों की पहचान तक करना मुश्किल हो रहा है। अब तक कुछ मृतकों की पहचान हो पाई है, जबकि कई परिवार अपने अपनों की तलाश में अस्पतालों और प्लांट के चक्कर काट रहे हैं। दर्दनाक स्थिति यह है कि कुछ लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे परिजनों की बेचैनी और बढ़ गई है।
घटना के बाद प्लांट के बाहर मजदूरों के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और जानकारी न देने पर नाराजगी जताई। कई परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने ही लोगों की स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही, जिससे उनकी पीड़ा और गहरी हो गई है।
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके।
इस बीच मुआवजे को लेकर कई घोषणाएं भी की गई हैं। वेदांता प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और एक सदस्य को नौकरी देने का ऐलान किया है, जबकि घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं Prime Minister’s Office की ओर से प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है।
राज्य सरकार भी पीछे नहीं रही। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने मृतकों के परिवारों के लिए 1-1 करोड़ रुपये और घायलों के लिए 50-50 लाख रुपये मुआवजे की मांग उठाई है। वहीं श्रम मंत्री Lakhan Lal Dewangan ने स्पष्ट किया है कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
यह हादसा कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है—क्या सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा था? क्या मजदूरों की जान से समझौता किया गया? और क्या ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था? फिलहाल इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन एक सच्चाई साफ है—इस हादसे ने कई घरों की रोशनी बुझा दी है।
घटना से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए-




हादसे में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।



