दुर्ग, 15 अप्रैल 2026 / सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में खंड 02 द्वितीय (चतुर्थ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों हेतु Alternative Dispute Resolution (वैकल्पिक विवाद निवारण) विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर “सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है” विषय पर भी विशेष जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में विशेष रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के स्थायी एवं निरंतर लोक अदालत की अध्यक्ष, जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चार न्यायाधीश एवं मीडिएटर अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अतिथियों का महाविद्यालय परिसर में भव्य स्वागत किया गया, तत्पश्चात न्यायाधीशों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
सेमिनार के दौरान न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को संविधान एवं Alternative Dispute Resolution (ADR) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ADR क्या है, इसका उपयोग किन-किन परिस्थितियों में किया जाता है, यह क्यों आवश्यक है तथा इससे समाज को क्या लाभ प्राप्त होते हैं। इसके अंतर्गत लोक अदालत एवं मीडिएशन की प्रक्रिया, उनके महत्व एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया गया। साथ ही मीडिएशन की अवधारणा को महाभारत के प्रसंगों से जोड़कर भी रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में साइबर फ्रॉड, उसके विभिन्न प्रकार एवं उससे बचाव के उपायों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई, जिससे विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को कानून का सम्मान करने एवं उसका पालन करने की शपथ दिलाई गई तथा राज्यगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया एवं विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों द्वारा सरल, स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ तथा उन्होंने इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।