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रायपुर में 60% गाड़ियों में HSRP अब भी बाकी: जानिए नियम, परेशानी और पूरा समाधान

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रायपुर में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (HSRP) को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। अनिवार्य होने के बावजूद करीब 60% वाहनों में अब तक यह प्लेट नहीं लगी है। ऐसे में परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस जल्द ही सख्त चेकिंग अभियान चलाने की तैयारी में हैं, जिसमें बिना HSRP वाले वाहनों पर चालानी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

राज्य में 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए सभी दोपहिया और चारपहिया वाहनों में HSRP लगवाना जरूरी कर दिया गया है। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद हैं, लेकिन फिर भी बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। इसकी वजह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि कई तकनीकी और डॉक्यूमेंट से जुड़ी समस्याएं भी हैं।

सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों के सामने आ रही है, जिनकी RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) गुम या चोरी हो गई है। ऐसे मामलों में सबसे पहले नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद cgtransport.gov.in पोर्टल पर जाकर फॉर्म 26 के जरिए डुप्लीकेट RC के लिए आवेदन करना होगा और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर कार्यालय में जमा करने होंगे।

कई लोगों की RC में पुराना मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ है, जो अब चालू नहीं है। ऐसे में नए नंबर को अपडेट करने के लिए भी ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है। अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आती है, तो आधार और RC की कॉपी के साथ आवेदन सीधे कार्यालय में जमा किया जा सकता है।

15 साल पुराने वाहनों के लिए अलग नियम लागू होते हैं। ऐसे वाहनों को पहले फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा, जिसमें PUC की भी जांच की जाएगी। फिटनेस पास होने पर वाहन की वैधता 5 साल के लिए बढ़ाई जा सकती है, तभी HSRP प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3.13 लाख से ज्यादा वाहनों में HSRP लग चुकी है, जबकि करीब 3.79 लाख वाहनों में ऑर्डर के बाद भी प्लेट लगना बाकी है। कुल वाहनों की संख्या 13 लाख से अधिक है, जिससे यह साफ है कि अभी लंबा काम बाकी है।

कई वाहन मालिकों को HSRP नहीं होने का SMS भी मिल रहा है, जबकि उनकी गाड़ी में प्लेट लगी होती है। दरअसल, कई मामलों में प्लेट तो लग गई है, लेकिन उसकी एंट्री सरकारी पोर्टल पर अपडेट नहीं हुई है। इसी वजह से सिस्टम उन्हें “HSRP नहीं लगी” श्रेणी में दिखाता है और ऑटोमैटिक मैसेज भेज देता है।

अगर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 50/177 के तहत चालान काटा जा सकता है। इसलिए अब समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी हो गया है।

HSRP सिर्फ एक नंबर प्लेट नहीं, बल्कि सुरक्षा का अहम हिस्सा है। इसमें लेजर कोडिंग और खास लॉकिंग सिस्टम होता है, जिसे बिना तोड़े हटाया नहीं जा सकता। इससे वाहन चोरी रोकने, ई-चालान सिस्टम को मजबूत करने और संदिग्ध वाहनों को ट्रैक करने में मदद मिलती है।

कुल मिलाकर, अब यह सिर्फ नियम नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है। अगर आपने अभी तक अपनी गाड़ी में HSRP नहीं लगवाई है, तो जल्द ही इसे पूरा कर लें, वरना जुर्माना तय है।

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