छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर ब्लास्ट ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। इस हादसे में 20 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि तीन दर्जन से ज्यादा श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए। अब इस मामले में कार्रवाई तेज हो गई है और प्लांट प्रबंधन से जुड़े 19 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस घटना के दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। जशपुर रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने दोहराया कि घटना के तुरंत बाद ही जांच के निर्देश दे दिए गए थे और अब जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।
हादसे के बाद राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है। लखनलाल देवांगन खुद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और प्लांट प्रबंधन के साथ बैठक कर पूरे मामले की तकनीकी जांच के निर्देश दिए। साथ ही मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रारंभिक जांच में प्लांट प्रबंधन की लापरवाही के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर पुलिस ने डभरा थाने में मामला दर्ज किया है। देवेन्द्र पटेल समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर दर्ज इस केस में अब विस्तृत जांच जारी है। प्रशासन तकनीकी रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय कर रहा है।
कुल मिलाकर, यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की गंभीर चूक का मामला बनता जा रहा है। सरकार का सख्त रुख और तेज जांच इस बात का संकेत है कि इस बार जिम्मेदारों पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।