रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI करीब 30 से 35 खिलाड़ियों का एक बड़ा पूल तैयार करना चाहता है, ताकि जरूरत पड़ने पर एक साथ दो अलग-अलग टीमें मैदान में उतारी जा सकें। चयन समिति, जिसकी अगुवाई Ajit Agarkar कर रहे हैं, इस दिशा में काम कर रही है। IPL से लगातार सामने आ रहे नए टैलेंट ने इस योजना को और भी आसान बना दिया है।
दरअसल, आने वाले महीनों में टीम इंडिया का शेड्यूल बेहद व्यस्त रहने वाला है। जून में आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से शुरुआत होगी, जबकि अक्टूबर में एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज एक ही समय पर होने की संभावना है। ऐसे में एक ही टीम के साथ सभी मुकाबले खेलना संभव नहीं होगा, इसलिए दो टी20 स्क्वॉड की जरूरत महसूस की जा रही है।
इस नई रणनीति का सबसे बड़ा फायदा युवा खिलाड़ियों को मिलने वाला है। IPL में शानदार प्रदर्शन करने वाले कई नए चेहरे अब सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका पा सकते हैं। वैभव सूर्यवंश और प्रियांश आर्य जैसे युवा ओपनर्स के अलावा शशांक सिंह, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी और अशोक शर्मा जैसे खिलाड़ी भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं।
वहीं, मौजूदा टीम में भी संतुलन बनाने की कोशिश होगी। टॉप ऑर्डर पहले से ही मजबूत है, जिसमें अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे खिलाड़ी शामिल हैं। इसी कारण कई बड़े नामों को बाहर बैठना पड़ा था, लेकिन अब शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों की वापसी की संभावना भी बढ़ सकती है।
कप्तानी को लेकर भी बदलाव की चर्चा तेज है। खबरों के अनुसार, Shreyas Iyer को टी20 टीम की कमान सौंपी जा सकती है, जबकि Suryakumar Yadav लंबे समय तक इस भूमिका में नहीं रह सकते।
कुल मिलाकर, BCCI की यह योजना भारतीय क्रिकेट को एक नई दिशा दे सकती है। इससे न सिर्फ टीम की गहराई बढ़ेगी, बल्कि नए खिलाड़ियों को भी खुद को साबित करने का बड़ा मौका मिलेगा। आने वाले समय में यह मॉडल भारतीय क्रिकेट को और ज्यादा मजबूत और प्रतिस्पर्धी बना सकता है।