Meta Pixel

‘सेलिब्रिटी’ सट्टेबाज का जाल: बाबू खेमानी के नेटवर्क में फंसे रायपुर के रसूखदार कारोबारी

Spread the love

रायपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के एक बड़े और संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश होने के बाद शहर के कारोबारी और रसूखदार वर्ग में हलचल मच गई है। क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी नाम का शख्स, जो खुद को सोशल मीडिया पर एक इन्फ्लुएंसर और सफल व्यक्तित्व के रूप में पेश करता था, दरअसल सट्टा नेटवर्क का अहम कड़ी बन चुका था। उसके जरिए शहर के कई बड़े कारोबारी इस अवैध खेल में शामिल हुए और करोड़ों का लेन-देन इस नेटवर्क के माध्यम से चलता रहा।

जांच एजेंसियों को खेमानी के मोबाइल से ऐसे स्थायी ग्राहकों की लंबी सूची मिली है, जिनमें कई प्रभावशाली नाम होने की बात कही जा रही है। पुलिस के अनुसार, बाबू खेमानी इस नेटवर्क में ‘आईडी ऑनर’ की भूमिका निभाता था, यानी वह अलग-अलग नामों से सट्टा खेलने के लिए यूजर्स को आईडी उपलब्ध कराता था। खासकर आईपीएल जैसे बड़े क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान उसका नेटवर्क तेजी से सक्रिय हो जाता था। वह ‘प्रिडिक्शन’ और सटीक टिप्स देने के नाम पर लोगों को अपने टेलीग्राम चैनल से जोड़ता और वहीं से उन्हें सट्टा नेटवर्क में एंट्री दिलाई जाती थी।

यह नेटवर्क केवल सट्टा खेलने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे वसूली और दबाव का एक अलग तंत्र भी काम कर रहा था। जांच में सामने आया है कि जो लोग सट्टे में हारने के बाद पैसे नहीं चुका पाते थे, उन्हें धमकाया जाता था। कई मामलों में उन्हें सोशल मीडिया पर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी, तो कुछ मामलों में उनसे जबरन सोने के जेवर तक वसूले गए। इससे साफ होता है कि यह सिर्फ ऑनलाइन गेम नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का हिस्सा था।

क्राइम ब्रांच ने इस पूरे मामले में बाबू खेमानी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है और उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। उसके साथ कुल सात आरोपियों को पकड़ा गया है, जबकि उसके भाई करण खेमानी की तलाश अभी जारी है, जिसे इस नेटवर्क का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है कि बाबू खेमानी ने अपनी सोशल मीडिया छवि को इस पूरे नेटवर्क का सबसे बड़ा हथियार बना रखा था। उसका असली नाम गुलशन खेमानी है, लेकिन ‘बाबू खेमानी’ के नाम से उसने एक ऐसी पहचान बनाई, जिसमें वह खुद को एक हाई-प्रोफाइल और सफल व्यक्ति के रूप में दिखाता था। सोशल मीडिया पर महंगी गाड़ियां, विदेश यात्राएं, पार्टियों और आलीशान जीवनशैली की तस्वीरें पोस्ट कर वह लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव बढ़ाता था।

इसी बनाई गई छवि का इस्तेमाल वह लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए करता था। वह खुद को क्रिकेट का जानकार और सटीक भविष्यवाणी करने वाला एक्सपर्ट बताता, जिससे लोग उसकी बातों पर आसानी से भरोसा कर लेते। ‘आसान कमाई’ का सपना दिखाकर वह लोगों को अपने टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ता और धीरे-धीरे उन्हें सट्टा नेटवर्क का हिस्सा बना देता।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क में रवि भवन इलाके के कई कारोबारी भी शामिल पाए गए हैं, जो सट्टा खेलने और खिलाने दोनों में सक्रिय थे। आने वाले दिनों में इन सभी लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच एजेंसियां अब उन सभी लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं, जिन्होंने खेमानी से आईडी ली थी या उसके जरिए सट्टे में हिस्सा लिया था।

पूरा मामला यह दिखाता है कि कैसे सोशल मीडिया की चमक-दमक और फर्जी सफलता की कहानी के पीछे एक संगठित अवैध कारोबार चलाया जा रहा था। बाबू खेमानी ने अपनी ‘सेलिब्रिटी’ इमेज को भरोसे का माध्यम बनाकर लोगों को जोड़ा और फिर उसी भरोसे को सट्टे के जाल में बदल दिया।

अब जबकि पुलिस इस नेटवर्क की परतें खोल रही है, यह साफ है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई बड़े नाम और एक बड़ा सिंडिकेट शामिल हो सकता है। आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क का और बड़ा खुलासा होना तय माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *