सेल- भिलाई इस्पात संयंत्र के यूनिवर्सल रेल मिल (यूआरएम) विभाग द्वारा 22 अप्रैल 2026 को ठेका श्रमिकों के बीच सुरक्षा जागरूकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए “सुरक्षा बंधन” नामक विशेष सुरक्षा संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन विभागाध्यक्ष, मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) श्री योगेश शास्त्री द्वारा किया गया।
यह पहल जमीनी स्तर पर कार्यरत श्रमिकों को विभागाध्यक्ष के साथ प्रत्यक्ष संवाद का सशक्त मंच प्रदान करती है, जिसके माध्यम से वे कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों, व्यावहारिक चुनौतियों तथा सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर अपने अनुभव एवं सुझाव साझा कर सकते हैं। इस संवादात्मक पहल का उद्देश्य कार्यस्थल को और अधिक सुरक्षित बनाना तथा असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान कर उनके निराकरण हेतु सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) श्री योगेश शास्त्री ने श्रमिकों के साथ सीधा संवाद करते हुए उनके सुझावों को गंभीरता से सुना एवं सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रत्येक कर्मी के लिए स्वयं की सुरक्षा सर्वोपरि जिम्मेदारी है, जिसके साथ-साथ सहकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा असुरक्षित परिस्थितियों की पहचान कर निरंतर सुधार की दिशा में कार्य करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी एवं अपनत्व का भाव व्यक्ति को सुरक्षित कार्य व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने सभी श्रमिकों से अनुशासित एवं सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाते हुए “शून्य दुर्घटना” के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु सामूहिक रूप से प्रयास करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रबंधन की ओर से यह भी आश्वस्त किया गया कि सभी स्तरों पर सुरक्षा सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक संसाधन एवं सहयोग निरंतर उपलब्ध कराया जाएगा। यह कार्यक्रम अब नियमित रूप से सप्ताह में दो बार आयोजित किया जाएगा, जिससे सुरक्षा जागरूकता को निरंतर सुदृढ़ किया जा सके तथा कार्यस्थल पर विश्वास एवं सहभागिता का वातावरण विकसित हो।
कार्यक्रम के समापन पर मुख्य महाप्रबंधक (यूआरएम) श्री योगेश शास्त्री ने “सुरक्षा बंधन” पहल को सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता एवं उत्तरदायित्व का प्रतीक बताते हुए इसकी निरंतरता पर बल दिया। यह पहल यूआरएम विभाग में सुदृढ़ सुरक्षा संस्कृति एवं सामूहिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।