चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी के लिए यह समय बेहद भावुक और कठिन है। उनकी मां प्रेम देवी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया, जिससे पूरे क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि वह पिछले एक साल से गंभीर रूप से बीमार थीं और मुंबई के टाटा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
इस दुखद खबर के बाद मुकेश तुरंत अपने गृह नगर भीलवाड़ा (राजस्थान) पहुंचे और अपने बड़े भाई के साथ मिलकर अंतिम संस्कार किया। परिवार के इस गहरे नुकसान ने उन्हें झकझोर दिया है, लेकिन इस मुश्किल वक्त में टीम उनके साथ मजबूती से खड़ी नजर आई।
खास बात यह रही कि महेंद्र सिंह धोनी ने इस कठिन समय में मुकेश का पूरा साथ दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, धोनी लगातार उनके संपर्क में रहे और अस्पताल जाकर उनकी मां से भी मुलाकात की थी। यह सिर्फ एक कप्तान या सीनियर खिलाड़ी का नहीं, बल्कि एक परिवार के सदस्य जैसा साथ था, जो टीम के भीतर के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।
मुकेश ने इस सीजन में अब तक सीमित मुकाबले खेले हैं और अब उनके खेलने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। माना जा रहा है कि वह थोड़े समय के लिए ब्रेक ले सकते हैं और फिर टीम से जुड़ेंगे। ऐसे समय में खेल से ज्यादा जरूरी उनका परिवार और मानसिक संतुलन है।
दूसरी ओर, धोनी खुद भी इस समय फिटनेस से जूझ रहे हैं और अब तक मैदान पर नहीं उतरे हैं। पिंडली की चोट से उबरने के बाद वह अभ्यास में लौटे जरूर हैं, लेकिन उनकी वापसी पूरी तरह मेडिकल टीम की अनुमति पर निर्भर करेगी। अभ्यास के दौरान उनका प्रदर्शन मिश्रित रहा, लेकिन उनकी मौजूदगी ही टीम के लिए आत्मविश्वास का बड़ा स्रोत है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक बात साफ नजर आती है—क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि रिश्तों और भावनाओं का भी हिस्सा है। जब खिलाड़ी मुश्किल में होता है, तो टीम सिर्फ एक यूनिट नहीं, बल्कि परिवार की तरह उसके साथ खड़ी होती है।