पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान Narendra Modi का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने Hooghly River में नाव की सवारी कर न सिर्फ प्राकृतिक और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश दिया, बल्कि आम लोगों के साथ सहज संवाद भी किया।
प्रधानमंत्री ने करीब एक घंटे तक नदी में सैर की। इस दौरान वे हाथ में कैमरा लेकर खुद तस्वीरें खींचते नजर आए, जो उनकी यात्रा को और खास बनाता है। उन्होंने नाविकों से बातचीत की और स्थानीय जीवन के बारे में जानकारी भी ली।
इस दौरान एक भावुक पल तब सामने आया जब Narendra Modi ने नाव चलाने वाले गौरांगो बिस्वास को गले लगाया और उन्हें ₹1000 की राशि भेंट की। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जहां लोग इसे प्रधानमंत्री के सरल और मानवीय व्यवहार से जोड़कर देख रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि गंगा हर बंगाली के जीवन और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने इसे बंगाल की आत्मा से जुड़ा बताया, जिससे इस यात्रा को एक भावनात्मक और सांस्कृतिक आयाम भी मिला।
इससे पहले 19 अप्रैल को भी Narendra Modi ने झाड़ग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान एक सड़क किनारे दुकान पर रुककर झालमुड़ी खाई थी। इस दौरान दुकानदार से उनकी हल्की-फुल्की बातचीत भी चर्चा में रही, जब उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि “प्याज खाता हूं, लेकिन दिमाग नहीं।”
इन घटनाओं से यह साफ है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच भी प्रधानमंत्री आम लोगों से जुड़ने और स्थानीय संस्कृति को महसूस करने के मौके तलाशते रहते हैं। उनकी यह यात्रा सिर्फ एक सैर नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव और सांस्कृतिक संदेश का प्रतीक बन गई।


