छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन दोनों को सतर्क कर दिया है। Enforcement Directorate की जांच में यह सामने आया है कि अमेरिका से आए करोड़ों रुपये का उपयोग राज्य के बस्तर और धमतरी क्षेत्रों में धार्मिक गतिविधियों के विस्तार के लिए किया गया। यह मामला अब केवल आर्थिक अनियमितता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके व्यापक नेटवर्क और फंडिंग पैटर्न को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जांच के मुताबिक नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 95 करोड़ रुपये विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए भारत में लाए गए। इस रकम का एक हिस्सा, करीब 6.5 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ के अंदर खर्च किए जाने की पुष्टि हुई है। यह पूरा नेटवर्क कथित तौर पर The Timothy Initiative नामक संगठन से जुड़ा बताया जा रहा है, जो धार्मिक गतिविधियों से संबंधित कार्य करता है। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह संगठन FCRA के तहत पंजीकृत नहीं है, इसके बावजूद विदेशी फंडिंग का उपयोग किया जा रहा था।
इस पूरे मामले में एक अहम कड़ी तब सामने आई जब विदेशी नागरिक मिकाह मार्क को बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। उसके पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद हुए, जिनका इस्तेमाल भारत के अलग-अलग एटीएम से बार-बार नकदी निकालने के लिए किया जा रहा था। एजेंसियों के अनुसार यह तरीका नियामकीय निगरानी से बचने और पैसे के स्रोत को छिपाने के लिए अपनाया गया था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए Enforcement Directorate ने 18 और 19 अप्रैल को देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 25 विदेशी डेबिट कार्ड, करीब 40 लाख रुपये नकद, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए। साथ ही डिजिटल ट्रांजैक्शन और अकाउंटिंग से जुड़े साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि पूरा ऑपरेशन सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।
एजेंसी का मानना है कि यह मामला एक संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है, जिसमें विदेशी फंड को अलग-अलग माध्यमों से भारत लाकर इस्तेमाल किया गया। ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग कर लेन-देन का रिकॉर्ड रखा जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से संचालित किया जा रहा था।
इस खुलासे ने यह भी संकेत दिया है कि वित्तीय निगरानी तंत्र को चकमा देने के लिए नई तकनीकों और तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।