बिहार की राजधानी Patna में Bihar Public Service Commission (BPSC) की परीक्षा के दौरान एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिष्ठित AN College Patna परीक्षा केंद्र पर छापेमार कार्रवाई में एक अभ्यर्थी और एक बायोमेट्रिक सुपरवाइजर को आंसर की के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, नालंदा निवासी रौशन कुमार नामक अभ्यर्थी के पास से उसी सीरीज का आंसर पेपर मिला, जो उसे परीक्षा हॉल में मिला था। परीक्षा के दौरान ही सटीक उत्तरों का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि मामला केवल नकल का नहीं, बल्कि संभावित पेपर लीक या अंदरूनी मिलीभगत का हो सकता है।
इस मामले में वैशाली की रहने वाली अंशु प्रिया को भी हिरासत में लिया गया है, जो एक निजी कंपनी के माध्यम से बायोमेट्रिक सुपरवाइजर के रूप में तैनात थी। आरोप है कि उसने अपनी ड्यूटी का दुरुपयोग करते हुए अभ्यर्थी को आंसर की उपलब्ध कराई। परीक्षा केंद्र पर मौजूद वीक्षकों ने दोनों को संदिग्ध स्थिति में पकड़कर प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह किसी बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है या सीमित स्तर की मिलीभगत।
इसी दौरान Shastrinagar Police Station area Patna के अंतर्गत केबी सहाय स्कूल परीक्षा केंद्र से भी एक अन्य अभ्यर्थी को नकल करते हुए पकड़ा गया। उसे चिट के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि एक अन्य संदिग्ध मौके से फरार होने में सफल रहा।
पुलिस का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला न केवल भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर डालता है, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा भी बन गया है।