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Axis Bank Q4 रिजल्ट: अनुमान से बेहतर मुनाफा, NPA घटा, मजबूत दिखी बैलेंस शीट

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निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक Axis Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए स्थिर लेकिन उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया है। जनवरी से मार्च तिमाही में बैंक का शुद्ध मुनाफा 7,071 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमान से थोड़ा अधिक है। हालांकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इसमें हल्की गिरावट दर्ज हुई, लेकिन तिमाही आधार पर बैंक ने मजबूती दिखाई है।

बैंक की कोर इनकम यानी शुद्ध ब्याज आय में भी सुधार देखने को मिला। यह 5 प्रतिशत बढ़कर 14,457 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.62 प्रतिशत रहा। इससे संकेत मिलता है कि बैंक की लेंडिंग और आय की गुणवत्ता संतुलित बनी हुई है।

इस तिमाही में बैंक ने सतर्कता दिखाते हुए प्रावधानों में बड़ा इजाफा किया। कुल प्रावधान और आकस्मिक खर्च बढ़कर 3,522 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। खास बात यह रही कि इसमें 2,001 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एकमुश्त प्रावधान शामिल है, जिसे संभावित वैश्विक अनिश्चितताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया। बैंक ने स्पष्ट किया कि यह कदम परिसंपत्ति गुणवत्ता में गिरावट की वजह से नहीं, बल्कि भविष्य के जोखिमों से बचाव के लिए उठाया गया है।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक के लिए राहत की खबर रही। सकल एनपीए अनुपात घटकर 1.23 प्रतिशत पर आ गया, जो पहले 1.40 प्रतिशत था। वहीं शुद्ध एनपीए भी 0.37 प्रतिशत तक कम हो गया। यह सुधार दर्शाता है कि बैंक की रिकवरी और जोखिम प्रबंधन बेहतर हुआ है।

लोन बुक में भी अच्छा विस्तार देखने को मिला। कुल कर्ज 19 प्रतिशत सालाना और 6 प्रतिशत तिमाही आधार पर बढ़कर 12.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। खासकर कॉरपोरेट और एमएसएमई सेक्टर से इसमें मजबूत योगदान मिला। वहीं जमा राशि में भी 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और CASA अनुपात 40 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहा।

डिजिटल सेगमेंट में भी बैंक ने पकड़ मजबूत की है। यूपीआई लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी लगभग 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो डिजिटल बैंकिंग में बढ़ती पकड़ को दर्शाती है। इसके साथ ही तिमाही के दौरान 10 लाख से ज्यादा नए क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।

पूंजी स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 16.42 प्रतिशत और CET-1 अनुपात 14.38 प्रतिशत रहा, जो भविष्य की वृद्धि के लिए मजबूत आधार देता है। इसके अलावा बोर्ड ने प्रति शेयर 1 रुपये के डिविडेंड की सिफारिश भी की है।

कुल मिलाकर, यह तिमाही Axis Bank के लिए स्थिरता, सतर्कता और संतुलित वृद्धि का संकेत देती है—जहां एक ओर मुनाफा अनुमान से बेहतर रहा, वहीं दूसरी ओर जोखिम प्रबंधन और एसेट क्वालिटी में सुधार ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया है।

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